नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर देश और विदेश से बधाइयों का सिलसिला देखने को मिला। इस खास अवसर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी को बधाई देते हुए उन्हें “महान प्रधानमंत्री” और अपना मित्र बताया। वहीं भारत में बीजेपी और एनडीए की ओर से विभिन्न स्थानों पर प्रार्थना-सभाएं और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पीएम मोदी के कार्यकाल को ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बताया गया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी बधाई, पीएम मोदी को बताया ‘ग्रेट लीडर’
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर मेरे मित्र नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई। ट्रंप ने पीएम मोदी को “ग्रेट प्रधानमंत्री” बताते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की। इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती राजनीतिक प्रतिष्ठा के रूप में देखा जा रहा है।
भारत में जश्न जैसा माहौल, कैबिनेट ने किया पीएम मोदी का अभिनंदन
दिल्ली में आयोजित एनडीए और कैबिनेट बैठक के दौरान पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर विशेष अभिनंदन प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान पूरे सदन ने खड़े होकर तालियां बजाईं और प्रधानमंत्री का स्वागत किया। एनडीए नेताओं ने इसे भारत के विकास और राजनीतिक स्थिरता का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने “पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस” की नई दिशा हासिल की है।
एनडीए नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कालखंड
एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की नीति, विदेश संबंध, आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं। नेताओं का कहना है कि इस अवधि को भविष्य में भारत के परिवर्तनकारी दौर के रूप में याद किया जाएगा। कई नेताओं ने इसे “न्यू इंडिया” के निर्माण का निर्णायक चरण बताया।
देशभर में प्रार्थना-सभाएं और धार्मिक आयोजन
पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर देशभर में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। वाराणसी में विशेष प्रार्थना-सभाएं हुईं, जबकि गुजरात में मंदिरों में महाआरती का आयोजन किया गया। कई जगहों पर समर्थकों ने हवन और पूजा कर प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस दौरान लोगों ने इसे भारत की विकास यात्रा से जोड़कर देखा।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक प्रतिक्रिया
इस मौके पर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज रही। समर्थक दलों ने इसे स्थिर नेतृत्व और मजबूत भारत की पहचान बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। हालांकि पूरे देश में यह दिन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और चर्चित रहा।