कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच चुनाव आयोग ने विजय जुलूस को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक दल को विजय जुलूस निकालने से पहले अब पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हालांकि आयोग ने सीधे तौर पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के हित में फिलहाल ऐसे आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है।
मतगणना के बीच कई जगहों पर जश्न, आयोग ने जताई सख्ती
मतगणना के शुरुआती रुझानों में कई सीटों पर बढ़त मिलते ही कुछ स्थानों पर राजनीतिक दलों के समर्थकों ने जश्न और विजय उत्सव शुरू कर दिया था। इसके बाद आयोग ने स्थिति को देखते हुए सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विजय जुलूस नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसको लेकर सभी जिलों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।
सीईओ मनोज अग्रवाल ने जताया संतोष, सभी विभागों को दिया धन्यवाद
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने पूरे चुनावी प्रक्रिया में मिले सहयोग के लिए जिला प्रशासन, बीएलओ, बीएलए और सभी संबंधित विभागों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने आयोग के निर्देशों का पूरी गंभीरता के साथ पालन किया, जिसके कारण राज्य में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
रिकॉर्ड मतदान और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
मनोज अग्रवाल ने बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
आयोग की अपील: नियमों का पालन करें राजनीतिक दल
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार का जुलूस या जश्न आयोजित करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्राप्त करें। आयोग का कहना है कि मतगणना के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।