कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब दाखिल पर्चों की जांच चल रही है। चुनाव आयोग ने पहले चरण की मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया है। इसका मतलब है कि अब इस चरण के लिए कोई नया वोटर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद चुनाव आयोग को मंगलवार तक अंतिम वोटर सूची जारी करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि सवाल यह है कि न्यायाधिकरण द्वारा तय किए गए नाम मंगलवार को जारी सूची में शामिल किए जा पाएंगे या नहीं। एसआईआर मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी, और अदालत इस दिन मतदान अधिकारों के प्रयोग को लेकर आदेश जारी कर सकती है।
आधी रात के बाद मतदाता सूची फ्रीज
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत चुनाव आयोग को चुनाव कराने के लिए विशेष प्रक्रियाएं और नियम प्रदान किए गए हैं। इसके तहत प्रथम चरण के सभी मतदान केंद्रों पर आधी रात के बाद मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई। अब केवल वही लोग वोट कर सकेंगे जिनके नाम सूची में पहले से शामिल हैं। यदि न्यायाधिकरण मंगलवार से अपीलों का निपटारा करता है, तो यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम सूची में नए नाम शामिल किए जा पाएंगे या नहीं।
न्यायाधिकरण के कामकाज की निगरानी के लिए समिति गठित
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधिकरण के कामकाज की निगरानी के लिए एक समिति बनाने का आदेश दिया है। इस समिति में पूर्व न्यायाधीश शामिल होंगे। अदालत ने कहा कि नाम छूटने के मामलों की जांच की जाए और पात्र मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि 15 अप्रैल तक निपटाए जाने वाले अपीलों या आवेदनों के नाम संशोधित सूची में शामिल करने का प्रयास किया जाए।