लखनऊ में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जिसमें शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और कानून से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा
सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह किए जाने पर विचार हो सकता है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इससे बड़ी संख्या में शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बस स्टेशनों के दूसरे चरण के विकास को मंजूरी मिल सकती है
इसके अलावा, राज्य में परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए PPP मॉडल पर रोडवेज बस स्टेशनों के दूसरे चरण के विकास को मंजूरी मिल सकती है। हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि नि:शुल्क हस्तांतरण, वहीं बुलंदशहर के नरौरा और बलरामपुर के तुलसीपुर में बस स्टेशन/डिपो के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना
शिक्षा और युवाओं को ध्यान में रखते हुए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 40 लाख छात्रों को टैबलेट देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इस कदम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक विकास के क्षेत्र में औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी देने पर भी कैबिनेट मुहर लगा सकती है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
कानूनी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश रेवन्यू कोड
कानूनी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश रेवन्यू कोड 2006 की धारा 80 में संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही विभाजन विस्थापित और CAA के पात्र परिवारों को भूमिधर अधिकार देने पर भी फैसला लिया जा सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत कन्नौज में गंगा नदी पर च्यवन ऋषि आश्रम के पास पुल निर्माण और कुशीनगर में नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर एक दीर्घ सेतु के निर्माण को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर, आज की यह कैबिनेट बैठक राज्य में शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और निवेश को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।