कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद भी राजनीतिक हिंसा और अशांति का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मारपीट, आगजनी और हत्या की खबरें आ रही हैं। चुनाव परिणामों के बाद से अब तक राजनीतिक संघर्षों में कम से कम 7 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे आम जनता में भारी दहशत है।
सिंडिकेट राज के खिलाफ भाजपा का धावा
उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'सिंडिकेट राज' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दार्जिलिंग मोड़ स्थित टैक्सी स्टैंड पर भाजपा समर्थकों ने अवैध वसूली और सिंडिकेट गतिविधियों को बंद करने की कार्रवाई की। भाजपा का दावा है कि यात्रियों से अतिरिक्त पैसे वसूलने और भ्रष्टाचार को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया।
खेजुरी में आगजनी: आमने-सामने TMC और BJP
शनिवार रात पूर्व मेदिनीपुर के खेजुरी में हजीली समुद्र तट के पास लगभग 30-40 अस्थायी दुकानें जलकर खाक हो गईं। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने हिंदुओं और मुसलमानों की दुकानों को निशाना बनाकर आग लगाई है। उन्होंने इसे 'बर्बरता' करार दिया। वहीं भाजपा का दावा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है।
तारकेश्वर में पुलिस पर हमला, गोघाट में टीएमसी नेता की हत्या
तारकेश्वर: रविवार रात तृणमूल और भाजपा के बीच हुए संघर्ष को शांत करने पहुंचे तारकेश्वर थाने के ओसी (OC) सुब्रत साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। वार्ड नंबर 7 में एक टीएमसी नेत्री के घर पर हुए हमले के बाद पुलिस टीम पर हमला किया गया।
गोघाट: हुगली के गोघाट में सोमवार सुबह एक मैदान से टीएमसी सदस्य सहदेव बाग का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक की पत्नी भी पंचायत सदस्य हैं। परिवार ने भाजपा पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस टेंडर विवाद और आपसी रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
बुद्धिजीवियों ने जताई चिंता
राज्य की बिगड़ती स्थिति पर पवित्र सरकार, कौशिक सेन और मीरातुन नहार जैसे प्रमुख नागरिकों ने संयुक्त बयान जारी कर शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद से लगातार हो रही हिंसा, घरों में आगजनी और लूटपाट ने सामान्य जनजीवन को तबाह कर दिया है। प्रशासन को तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है।