विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह दिवस हमारे ग्रह को संतुलित रखने वाले वन्य जीवों और वनस्पतियों की अद्भुत विविधता का उत्सव मनाने का अवसर है। उन्होंने लिखा कि भारत को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी होने पर गर्व है। भारत विश्व के सबसे बड़े जंगली बाघों और एक सींग वाले गैंडों का घर है। साथ ही यहां एशियाई हाथियों की बड़ी आबादी और एशियाई शेर का एकमात्र प्राकृतिक आवास भी मौजूद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत में 17 हजार से अधिक फूलों की प्रजातियां, पश्चिमी घाट और पूर्वी हिमालय जैसे समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र तथा विस्तृत मैंग्रोव क्षेत्र देश की पर्यावरणीय मजबूती को सुदृढ़ करते हैं।
गृहमंत्री का संदेश
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह दिवस हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाघ से लेकर छोटी से छोटी प्रजाति तक हर जीव हमारे पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह दिन वन्यजीवों के संरक्षण के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “वन्यजीव बचेंगे, तभी जीवन बचेगा।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए वन्यजीवों का संरक्षण बेहद आवश्यक है। यह केवल प्रकृति की रक्षा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री का संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली अपनी प्राकृतिक संपदा, हरित आवरण और जैव विविधता की रक्षा के संकल्प को पुनः दोहराती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।
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