कोलकाता: योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “4 तारीख के बाद राज्य में हालात ऐसे हो जाएंगे कि पानी देने वाला भी कोई नहीं बचेगा।” उनके इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
फैक्ट्रियों के बंद होने और बेरोजगारी का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान राज्य में करीब 7,000 फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके चलते लगभग 30 लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है।
केंद्र की योजनाओं के दुरुपयोग का दावा
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए फंड को लेकर भी सवाल उठाए। योगी ने आरोप लगाया कि ये धन आम जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहा है, बल्कि इसे गलत तरीके से अन्य उद्देश्यों में लगाया जा रहा है।
तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए फैसले लेती है, जिससे राज्य के समग्र विकास पर असर पड़ रहा है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
योगी के इस बयान के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। उनके आरोपों और बयानों को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव तेज होने की संभावना है।