Jaipur: पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। हाल ही में उन्होंने कहा कि मैं नहीं होता तो मुख्यमंत्री जेल में होते। सीआरपीएफ के 150 जवानों के बीच से नो मंजिल पर जाकर, गेट तोड़कर डायरी निकाल कर नहीं लाता तो आज रिजल्ट कुछ और होता। उस वक्त मुख्यमंत्री ने कहा था गुढ़ा सब कुछ तेरे हाथ मे है। गुड़ा में भी बोले थे कि गुढा नहीं होते तो मैं नहीं होता, इतने जल्दी ही भूल गए।
"मैं विधानसभा में तब तक रहूंगा जब तक घसीट कर मुझे नहीं निकाल देते"
आपको बता दें, राजस्थान की राजनीति में इन दिनों पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajasthan Politics) खूब चर्चा में हैं। गुढ़ा ने एबीपी लाइव से खास बातचीत में कहा कि सोमवार को विधानसभा में अब खुलकर बोलूंगा। पहले मंत्री था तो नहीं बोल पाता था अब विधायक हूं खुलकर बोलूंगा। मैं विधानसभा में तब तक रहूंगा जब तक घसीट कर मुझे नहीं निकाल देते। राजेंद्र सिंह गुढ़ा का कहना है कि हमारी प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से एक बार ही मुलाकात हुई है। उसके बाद कोई मुलाकात नहीं हुई है। गुढ़ा ने कहा कि दो-दो बार हमने गहलोत की सरकार को बचाया है। हमने कोई कीमत नहीं मांगी। कांग्रेस के लिए कई बार राज्यसभा के लिए वोटिंग भी की है और अब सरकार के काम का नहीं रह गया।
"अपने मन की पीड़ा अब सदन में कहूंगा"
विधानसभा में दिए बयान को लेकर राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajasthan Politics) ने कहा, "मैं सदन में बोल रहा था. उसके बाद कार्रवाई हुई है। ये तो मेरे मन में पीड़ा है। इसलिए अब सदन में ही अपने मन की पीड़ा कहूंगा। अध्यक्ष से समय मागूंगा और खुलकर बोलूंगा।" राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने राजेंद्र राठौड से सांठ-गांठ पर कहा कि कोई साजिश नहीं है। मेरी सीट पर बीजेपी से आमने-सामने लड़ाई होती है। वहां पर कांग्रेस फाइट में नहीं रहती है तो हम बीजेपी से लड़ते हैं। मैंने सरकार बचाई तो तब कांग्रेस ने नहीं कहा कि बीजेपी से मिला हुआ हूं। जब मैं कांग्रेस के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से लड़ रहा था तो तब बीजेपी से मिले रहने का आरोप नहीं लगाया और अब बीजेपी से मिलने का आरोप बेबुनियाद और झूठा है।"