Jaipur: राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 को देखते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोटरों को कांग्रेस के पक्ष में करने के लिए आज भरतपुर संभाग में कांग्रेस पार्टी द्वारा लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन अन्तर्गत संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में कांग्रेस कमेटी की एससी विभाग के चेयरमैन राजेश लीलोडिया सहित संभाग के एससी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने भाग लिया। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री भजन लाल जाटव भी कार्यशाला में पहुंचे।
बीजेपी पर साधा निशाना
राजस्थान सरकार में मंत्री भजन लाल जाटव (Rajasthan Politics) ने कहा की जिस तरह से एससी – एसटी को राजस्थान की कांग्रेस सरकार में सम्मान मिल रहा है। 9 मंत्री बनाये गए है, उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता और संगठन मिलाकर चुनाव लड़ेंगे तो वर्ष 2023 में सरकार पुनः बनेगी। आज की कार्यशाला में जो दिशा निर्देश दिए जाएंगे उस पर सभी काम करेंगे।
मंत्री भजन लाल ने क्या कहा?
मंत्री भजन लाल ने कहा की एससी – एसटी और अल्पसंख्यक यह कांग्रेस का कोर वोटर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे और राहुल गाँधी ने निर्देश दिए है की पार्टी का वोटर किस तरह ऐसे वापस कांग्रेस से जुड़े जिस तरह से पंचायत चुनव और नगर निगम के चुनाव में एससी – एसटी का वोटर था। पुनः कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है। बहुजन समाज पार्टी को जो 8 – 9 प्रतिशत वोट जाता था वह दोबारा से कांग्रेस पार्टी से जुड़ रहा है।
संभाग स्तरीय कार्यशाला का हुआ था आजोयन
कांग्रेस कमेटी की एससी विभाग के चेयरमैन राजेश लीलोडिया (Rajasthan Politics) ने बताया है कि हम लोग एससी – एसटी की 59 सीटों काम कर रहे। इससे पहले कोटा संभाग में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। अब भरतपुर संभाग के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर एससी और एसटी के वोटरों को कांग्रेस के साथ जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा की बसपा का जो काडर वोट था वह सभी भीमराव अम्बेडकर को मानने वाले लोग है। मायावती को उन्होंने मौका दिया। मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन बहुजन समाज पार्टी आज भारतीय जनता पार्टी की बी टीम बन चुकी है।
“आरएसएस और बीजेपी यह मूलरूप से एससी-एसटी के घोर विरोधी”
एससी – एसटी के लोगों को समझ में आ गया है की आरएसएस और बीजेपी यह मूलरूप से एससी – एसटी के घोर विरोधी है। अब इन लोगों को समझ में आ गया है की भारतीय जनता पार्टी की गोद में मायावती ने बहुजन समाज पार्टी को गिरवी रख दिया है तो वो लोग उनसे उछट कर फिर से कांग्रेस पार्टी की तरफ अपना ध्यान कर रहे है और कांग्रेस पार्टी से जुड़ रहे है।