FIFA World Cup 2026, Mexico vs England: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान मैक्सिको का सफर बेहद दर्दनाक अंदाज में खत्म हुआ। रोमांचक प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने मैक्सिको को 3-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस हार के साथ ही 1986 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का मैक्सिको का सपना टूट गया। मैच खत्म होने के बाद सबसे भावुक पल तब आया जब मैक्सिको के मुख्य कोच जेवियर एगुइरे (Javier Aguirre) मीडिया के सामने आए। उन्होंने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए लाखों मैक्सिकन फैंस से माफी मांगी और कहा कि उनकी टीम ने मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन कुछ गलतियों की वजह से जीत हाथ से निकल गई।
'हम फैंस को खुशी नहीं दे सके...' हार के बाद भावुक हुए एगुइरे
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेवियर एगुइरे ने बेहद भावुक अंदाज में कहा- "मैं उन सभी फैंस का धन्यवाद करता हूं, जो स्टेडियम, दूसरे वेन्यू और फैन फेस्टिवल में हमारी टीम का समर्थन करने पहुंचे। मुझे अफसोस है कि हम उन्हें जीत की खुशी नहीं दे सके। हमने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन यह काफी नहीं था।" कोच के इन शब्दों ने साफ कर दिया कि यह हार सिर्फ टीम ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भावनात्मक झटका थी।
मैच कैसे हाथ से निकल गया?
मैक्सिको ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन नॉकआउट मुकाबले में शुरुआती कुछ मिनट ही निर्णायक साबित हुए।
पहले हाफ में इंग्लैंड का हमला
36वें मिनट: जूड बेलिंगहैम ने पहला गोल किया।
38वें मिनट: बेलिंगहैम ने दूसरा गोल कर इंग्लैंड को 2-0 की बढ़त दिला दी।
दो मिनट के अंदर दो गोल खाने के बाद मैक्सिको दबाव में आ गया। हालांकि जूलियन क्विनोनेस ने पहला गोल कर टीम की वापसी की उम्मीद जगा दी।
10 खिलाड़ियों के बावजूद इंग्लैंड ने नहीं छोड़ी पकड़
दूसरे हाफ में इंग्लैंड के जैरेल क्वानसाह के बाहर होने के बाद मैक्सिको को वापसी का मौका मिला। लेकिन इसी बीच हैरी केन ने पेनाल्टी पर गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद राउल जिमेनेज ने पेनाल्टी से गोल कर अंतर जरूर कम किया, लेकिन मैक्सिको मैच को अतिरिक्त समय तक नहीं ले जा सका।
'तीन गलतियां कीं... और उसकी कीमत चुकाई'
हार के कारणों पर बात करते हुए एगुइरे ने कहा- "इंग्लैंड जैसी टीम को हराने के लिए आपको लगभग परफेक्ट मैच खेलना पड़ता है। हमने तीन बड़ी गलतियां कीं और उसकी कीमत चुकानी पड़ी। उनके पास हमसे कम मौके थे, लेकिन उन्होंने कम गलतियां कीं। यही अंतर रहा।" उन्होंने कहा कि मैक्सिको ने पूरे मैच में कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन निर्णायक क्षणों में टीम पीछे रह गई।
1986 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल का सपना फिर टूटा
मेजबान होने के कारण इस बार मैक्सिको से काफी उम्मीदें थीं। देश के लाखों प्रशंसक चाहते थे कि टीम 1986 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार ने यह सपना एक बार फिर अधूरा छोड़ दिया।
एगुइरे का हेड कोच के तौर पर आखिरी मैच
यह मुकाबला जेवियर एगुइरे के लिए भी बेहद खास था। जुलाई 2024 में उन्होंने मैक्सिको टीम की कमान संभाली थी और अब इंग्लैंड के खिलाफ यह उनका आखिरी मुकाबला साबित हुआ।
उनके कार्यकाल का रिकॉर्ड
| प्रदर्शन | आंकड़े |
|---|---|
| कुल जीत | 21 |
| ड्रॉ | 8 |
| हार | 5 |
उन्होंने अपने कार्यकाल में टीम को नई पहचान दी और लगातार बेहतर प्रदर्शन कराया।
'अगर आलोचना करनी है, तो मेरी करें'
एगुइरे ने अपने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा- "मेरे 26 खिलाड़ियों ने मुझे गर्व महसूस कराया। उन्होंने मैदान पर अपना सब कुछ दे दिया। अगर किसी की आलोचना करनी है, तो हेड कोच की करें, खिलाड़ियों की नहीं।" उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार संघर्ष किया और किसी खिलाड़ी पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।
अब राफेल मार्केज संभाल सकते हैं जिम्मेदारी
एगुइरे ने अपने सहायक कोच राफेल मार्केज का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मार्केज टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मैक्सिको का टूर्नामेंट कैसा रहा?
मैक्सिको ने ग्रुप स्टेज और शुरुआती नॉकआउट मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। सबसे बड़ी बात यह रही कि इंग्लैंड के खिलाफ मैच से पहले टीम ने लगातार चार मुकाबलों में एक भी गोल नहीं खाया था। लेकिन नॉकआउट के सबसे अहम मुकाबले में शुरुआती रक्षात्मक गलतियां टीम पर भारी पड़ गईं।
क्या सीख लेकर लौटेगी मैक्सिको?
हालांकि मेजबान टीम का सपना टूट गया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में मैक्सिको ने साबित किया कि वह भविष्य में विश्व फुटबॉल की मजबूत दावेदार बन सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नया कोच टीम को अगले विश्व कप और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए किस तरह तैयार करता है।