नई दिल्ली - भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार एमएस धोनी आज यानी 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी शांत कप्तानी, बेहतरीन रणनीति और मैच फिनिश करने की कला के दम पर धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने मैदान पर ऐसे कई रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें आज भी दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी याद करते हैं। आइए जानते हैं धोनी के पांच ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है।
1. सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी
एमएस धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर 332 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय टीम की कप्तानी की। इनमें भारत ने 178 मैच जीते, 120 में हार मिली, 15 मुकाबले ड्रॉ रहे और 6 मैच टाई रहे। धोनी ने 200 वनडे, 72 टी20 और 60 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जो अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है।
2. इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग
धोनी विकेट के पीछे अपनी बिजली जैसी फुर्ती के लिए मशहूर रहे हैं। उनके नाम 538 अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिकॉर्ड 195 स्टंपिंग दर्ज हैं, जो विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज के कीमो पॉल को महज 0.08 सेकेंड में स्टंप कर सबसे तेज स्टंपिंग का भी रिकॉर्ड बनाया। धोनी ने टेस्ट में 38, वनडे में 120 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 स्टंपिंग की हैं।
3. तीनों ICC ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के इकलौते कप्तान
एमएस धोनी आज भी दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने क्रिकेट की तीनों बड़ी ICC ट्रॉफियां जीती हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। अब तक कोई भी अन्य कप्तान इस उपलब्धि की बराबरी नहीं कर पाया है।
4. विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वनडे का सबसे बड़ा स्कोर
धोनी के नाम वनडे क्रिकेट में किसी विकेटकीपर-बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 रन बनाए थे। इस यादगार पारी में उन्होंने 15 चौके और 10 छक्के लगाए थे। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट (172 रन) के नाम था।
5. भारत के सबसे सफल 'फिनिशर' और मैच विनर
धोनी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माना जाता है। उन्होंने कई मौकों पर दबाव की स्थिति में भारत को जीत दिलाई। वनडे क्रिकेट में उन्होंने कई बार नाबाद रहते हुए मैच खत्म किए और अपनी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी से टीम को यादगार जीत दिलाई। 2011 विश्व कप फाइनल में लगाया गया उनका विजयी छक्का आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित पलों में गिना जाता है।
धोनी की विरासत आज भी कायम
एमएस धोनी भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनके रिकॉर्ड, नेतृत्व क्षमता और खेल के प्रति समर्पण आज भी करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित करते हैं। उनके कई रिकॉर्ड ऐसे हैं जिन्हें आने वाले वर्षों में तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन चुनौती माना जाता है।