उरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंगामा क्षेत्र के पास अचानक भारी भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह मलबे से भर गई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में पत्थर और मिट्टी सड़क पर गिरने के कारण यातायात तत्काल रोकना पड़ा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई और प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मार्ग को बंद करने का फैसला लिया।
प्रशासन ने जारी किया यातायात डायवर्जन
भूस्खलन के बाद प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही को बांदी–परनपिल्लन–डाची मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यात्रा की योजना बनाते समय इस बदलाव को ध्यान में रखें और अनावश्यक रूप से प्रभावित मार्ग की ओर न जाएं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक यही वैकल्पिक मार्ग लागू रहेगा।
मलबा हटाने का काम तेजी से जारी
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़क से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। भारी मशीनों की मदद से पत्थरों और मिट्टी को हटाने का काम लगातार जारी है ताकि जल्द से जल्द सड़क को यातायात के लिए फिर से खोला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य रही तो बहाली कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों और यात्रियों से फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे मौसम बदलाव और बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ा प्राकृतिक खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन के दौरान भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। लगातार नमी और ढलानों की कमजोरी के कारण सड़कें प्रभावित होती हैं, जिससे यातायात और स्थानीय जीवन दोनों पर असर पड़ता है। उरी क्षेत्र में हुई यह घटना भी इसी प्राकृतिक जोखिम की एक बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
जल्द बहाली की कोशिश में जुटा प्रशासन
स्थानीय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सड़क को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है ताकि बहाली कार्य सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।