Ayodhya Ram Mandir Donation Row: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट ने उनके स्थान पर बजरंग लाल बागड़ा को नया महासचिव नियुक्त करने का फैसला किया। यह निर्णय राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन/चोरी के मामले की जांच और उससे उपजे विवाद के बीच लिया गया है। चंपत राय ने इससे पहले नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका इस्तीफा महासचिव पद से था; जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी पर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
ट्रस्ट की बैठक में क्या हुआ?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे प्रमुख फैसला चंपत राय के इस्तीफे को औपचारिक मंजूरी देना रहा। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को नया महासचिव चुना गया। सूत्रों के अनुसार, नए महासचिव जल्द ही औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे और ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
चंपत राय ने क्यों दिया था इस्तीफा?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन/चोरी के मामले की जांच के दौरान चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया था। बताया गया था कि उन्होंने जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ सके, इस उद्देश्य से नैतिक आधार पर यह फैसला लिया।
जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष आना बाकी
मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जांच जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही हैं। इस समय जांच प्रक्रिया जारी है और दोष तय होना अभी बाकी है।
महंत नृत्य गोपाल दास ने क्या कहा?
बैठक से पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने बयान जारी कर कहा कि कथित चोरी की घटना से वे आहत हैं और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें राज्य और केंद्र सरकार पर भरोसा है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी तथा इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
चंपत राय कौन हैं?
चंपत राय उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना के निवासी हैं और लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं। वे आपातकाल (1975) के दौरान लगभग 18 महीने जेल में भी रहे थे। राम मंदिर आंदोलन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
अब आगे क्या होगा?
ट्रस्ट के नए महासचिव के रूप में बजरंग लाल बागड़ा प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी ओर, चढ़ावे से जुड़े कथित गबन/चोरी के मामले की जांच जारी रहेगी। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और जवाबदेही की तस्वीर स्पष्ट होगी।