बुंदेलखंड क्षेत्र में एक नया 6-लेन ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया गया है। यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट धाम को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ेगा। इसके बनने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्थानीय रास्तों की भीड़ और जाम से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्तमान में भरतकूप उतरकर स्थानीय मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है लेकिन नया लिंक तैयार होने के बाद सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। सतना, रीवा और जबलपुर से चित्रकूट आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
15.17 किलोमीटर लंबा मार्ग और उसका रूट
यह लिंक एक्सप्रेसवे करीब 15.17 किलोमीटर लंबा होगा। यह भरतकूप के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट गोंडा से शुरू होकर बेड़ी पुलिया-रामघाट फोरलेन रास्ते पर रानीपुर भट्ट तक जाएगा। नए मार्ग के तैयार होने के बाद चित्रकूट, रामघाट और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। मंदाकिनी नदी के घाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और रामघाट जैसे प्रमुख केंद्रों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम यह लिंक करेगा। श्रद्धालु बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे चित्रकूट धाम पहुंच सकेंगे। पूरे रूट को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और हाईस्पीड सफर
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। यह 6-लेन का हाईस्पीड मार्ग होगा जहां सफर फर्राटेदार और सुरक्षित रहेगा। नई सड़क पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर लाइटिंग का प्रावधान किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि यात्रा का अनुभव भी सुखद बनेगा। मध्य प्रदेश के जबलपुर, सतना और रीवा जैसे शहरों से आने वाले यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्रीय आवागमन में आमूलचूल सुधार होने की उम्मीद है। हाईस्पीड कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
दिल्ली-लखनऊ और एनसीआर से बेहतर लिंक
यह नया लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली-एनसीआर तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से चित्रकूट तक का सफर अब पहले से कहीं अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ने से पूरे रूट पर निर्बाध आवागमन संभव होगा। दिल्ली-एनसीआर से धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। लंबी दूरी की यात्रा में समय और थकान दोनों कम होंगे। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के इस विस्तार से पर्यटन और व्यापार दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
1008.67 करोड़ की लागत और राज्य सरकार का पूरा खर्च
चित्रकूट 6-लेन लिंक एक्सप्रेसवे करीब 1008.67 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसका पूरा खर्च उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार उठाएगी। केंद्र सरकार से इसके लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं ली जाएगी। इससे पहले गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजना का खर्च भी राज्य सरकार ने बिना बाहरी बैंक कर्ज के वहन किया था। इसी तर्ज पर इस लिंक एक्सप्रेसवे को भी पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। परियोजना के समय पर पूरा होने से चित्रकूट क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।