कुशीनगर- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर जिले के फाजिलनगर के नाम परिवर्तन का बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब फाजिलनगर को 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण का प्रस्ताव रखा जा चुका है और यह क्षेत्र अब भगवान महावीर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी नई पहचान प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थान की पहचान उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से होनी चाहिए, इसलिए फाजिलनगर को नया नाम दिया जा रहा है।
फाजिलनगर अब कहलाएगा पावागढ़
कुशीनगर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि यहां के विधायक और जनप्रतिनिधि जनता की मांगों को लगातार सरकार तक पहुंचाते रहे हैं। इसी क्रम में अब फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र भगवान महावीर की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है और उसी अनुरूप इसकी नई पहचान स्थापित की जाएगी।
'हम क्यों फाजिल कहेंगे?'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कहा, "अब यह फाजिलनगर नहीं रहेगा, इसे पावागढ़ के रूप में मान्यता मिलेगी। यह क्षेत्र भगवान महावीर के नाम से पहचाना जाएगा। हम क्यों फाजिल कहेंगे?" मुख्यमंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ना और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करना वर्तमान पीढ़ी का सौभाग्य है।
राम मंदिर का जिक्र कर कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अयोध्या में बने राम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच शताब्दियों तक राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का सपना अधूरा रहा, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद यह सपना साकार हो सका। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कांग्रेस चाहती तो राम मंदिर का निर्माण पहले ही हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल लगातार बाधाएं पैदा करते रहे, जबकि करोड़ों रामभक्तों की आस्था मंदिर निर्माण से जुड़ी हुई थी।
वोट की ताकत से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता का एक वोट स्थानीय क्षेत्र से निकलकर प्रदेश और देश की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि फाजिलनगर, पडरौना, खड्डा, कसया, रामकोला और हाटा जैसे क्षेत्रों में दिया गया वोट अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली तक अपनी ताकत दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी जनसमर्थन की ताकत से अयोध्या में राम मंदिर बना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया और देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाले कई बड़े फैसले लिए गए।
विकास और विरासत दोनों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को समान महत्व दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों को उनकी मूल पहचान दिलाने का कार्य लगातार जारी है। पावागढ़ नामकरण भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और परंपराओं से और अधिक जुड़ सकेंगी।