लखनऊ - उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने बच्चों के प्रति अपने स्नेह और लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी वह किसी कार्यक्रम या गांव में जाते हैं, तो कई माताएं अपने बच्चों का अन्नप्राशन कराने के लिए उनके पास आती हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों का अन्नप्राशन कराना उन्हें बेहद अच्छा लगता है और यह उनके लिए बेहद सुखद अनुभव होता है।
बच्चों की मुस्कान का किया जिक्र
सीएम योगी ने आगे अपने संबोधन में कहा कि कई बार छोटे बच्चे अपने माता-पिता या दादा-दादी की गोद में रोते रहते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें उनकी गोद में दिया जाता है, वे मुस्कुराने लगते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे पल उनके लिए बेहद भावुक और खुशी देने वाले होते हैं।
मेरी गोद में सुरक्षित महसूस करते हैं बच्चे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी अनुभूति है कि बच्चे उनकी गोद में आकर खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं। उनके अनुसार, बच्चों का यह व्यवहार किसी बनावट का नहीं, बल्कि उनकी सहज भावना और विश्वास का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मासूमियत और अपनत्व समाज को जोड़ने वाली सबसे बड़ी ताकत है।
अन्नप्राशन संस्कार का महत्व
भारतीय परंपरा में अन्नप्राशन शिशु के जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इस अवसर पर बच्चे को पहली बार अन्न ग्रहण कराया जाता है और परिवार इसे शुभ अवसर के रूप में मनाता है। सीएम योगी ने कहा कि ऐसे संस्कार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।
बच्चों के प्रति विशेष लगाव
सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के साथ बिताए गए पल उन्हें विशेष खुशी देते हैं। उनका मानना है कि बच्चों का स्नेह, विश्वास और निश्छल भाव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मुख्यमंत्री का यह बयान उनके बच्चों के प्रति विशेष लगाव और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।