अयोध्या - अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा पर हमलावर हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
विपक्ष का कहना है कि देश की आस्था से जुड़े इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की जा रही है। इसी बीच महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच अवश्य कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री स्वयं चिंतित होंगे
मीडिया से बातचीत के दौरान महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा कि राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है और यदि वहां किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसे गंभीरता से लेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी। महामंडलेश्वर ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होगी।
प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी किया जिक्र
महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने मीडिया से बातचीत में आगे कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैलाशानंद गिरि ने कहा कि धार्मिक संस्थानों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए यदि कोई शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना आवश्यक है, ताकि लोगों का भरोसा कायम रहे।
भाजपा का पलटवार
वहीं भाजपा और सरकार से जुड़े नेताओं का कहना है कि मामले को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनका दावा है कि यदि कोई शिकायत या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियां नियमों के अनुसार जांच करेंगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद यह केवल प्रशासनिक या कानूनी विषय नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। फिलहाल इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच और प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है।