उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के नौ वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में पुलिस महानिदेशक (डीजी), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन का मानना है कि इन बदलावों से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
जय नारायण सिंह को मिली आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की कमान
जय नारायण सिंह को पुलिस महानिदेशक/एडीजी, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, लखनऊ नियुक्त किया गया है। आर्थिक अपराधों, वित्तीय अनियमितताओं और संगठित आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली इस महत्वपूर्ण एजेंसी की जिम्मेदारी अब उनके हाथों में होगी। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ विभाग को मिलेगा।
ध्रुव कांत ठाकुर संभालेंगे होमगार्ड विभाग
ध्रुव कांत ठाकुर को नागरिक सुरक्षा एवं विशेष सुरक्षा बल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए पुलिस महानिदेशक, होमगार्ड, लखनऊ बनाया गया है। हालांकि उनके पास नागरिक सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार बना रहेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
विनोद कुमार सिंह को अतिरिक्त दायित्व
विनोद कुमार सिंह को डीजी सीआईडी के साथ-साथ डीजी साइबर क्राइम और डीजी यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डिजिटल अपराधों में बढ़ोतरी और आपातकालीन सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके नेतृत्व में साइबर अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कानपुर और आगरा जोन में बदलाव
आलोक सिंह को एडीजी कानपुर जोन से हटाकर डीजी पीएसी मुख्यालय, लखनऊ नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं अनुपम कुलश्रेष्ठ को एडीजी आगरा जोन से स्थानांतरित कर एडीजी कानपुर जोन बनाया गया है। इन नियुक्तियों को पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
सतीश गणेश को एडीजी यातायात एवं सड़क सुरक्षा के साथ-साथ एडीजी अपराध का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियों में बेहतर समन्वय स्थापित होने की संभावना है। सरकार की प्राथमिकता सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और अपराध नियंत्रण तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित दिखाई दे रही है।
नई जिम्मेदारियों के साथ कई अधिकारियों की तैनाती
डॉ. आर. के. स्वर्णकार को एडीजी पीएसी मुख्यालय से हटाकर एडीजी, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ नियुक्त किया गया है। वहीं एस. के. भगत को एडीजी अपराध के पद से हटाकर एडीजी आगरा जोन बनाया गया है। इसके अलावा गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक, अभियोजन से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े राज्य में समय-समय पर प्रशासनिक फेरबदल शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। नई नियुक्तियों के बाद इन अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना, यातायात प्रबंधन में सुधार करना और पुलिस प्रशिक्षण को आधुनिक बनाना प्रमुख चुनौतियां होंगी। आने वाले समय में इन बदलावों का असर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर साफ दिखाई दे सकता है।