लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने ‘पौधे लगाएं भी, बचाएं भी’ का संदेश देते हुए समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। सरकार का मानना है कि जनसहभागिता के बिना इतने बड़े लक्ष्य को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती।
हर विद्यार्थी लगाएगा एक पौधा
मुख्यमंत्री ने स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण की भावना बचपन से विकसित हो सके। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र में पांच सहजन के पौधे लगाने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
एक्सप्रेस-वे और नदियों के किनारे होगी हरियाली
सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्गों और नदियों के किनारों को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इन क्षेत्रों में लगभग 4.35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा, बल्कि सड़क किनारे हरियाली बढ़ने से प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु सुधार में भी मदद मिलेगी।
अयोध्या में दिखेगी रामायणकालीन पौधों की विरासत
अयोध्या में विशेष रूप से रामायणकालीन प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित किया जा सके। इसके अलावा शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर वन और वाटिकाएं विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है। सरकार इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ सांस्कृतिक चेतना से जोड़कर देख रही है।
पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ा हरित आवरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 से 2016 के बीच प्रदेश में 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, जबकि 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण में 3.38 लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में राज्य का हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने अधिकारियों को पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का फोकस केवल रिकॉर्ड बनाने पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ हरियाली विकसित करने पर भी है।