Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। 13 अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद 8 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 घायल हुए हैं। वहीं दो कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं। रविवार को भी रेस्क्यू टीमें टनल के अंदर लापता कर्मचारियों की तलाश में जुटी हैं।
टनल में अब भी जारी है तलाश
हादसे के बाद से सुरंग के अंदर मलबा हटाने और फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने का काम लगातार किया जा रहा है। शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और श्रमिक का शव बरामद किया गया था। इसके बाद अब बचाव दल की प्राथमिकता सुरंग में लापता दो कर्मचारियों को तलाशना है। रेस्क्यू अभियान में प्रशासन के साथ आपदा प्रबंधन, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की टीमें जुटी हुई हैं।
5-5 लाख रुपये मुआवजे पर कर्मचारियों का विरोध
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों के लिए टीएचडीसी की ओर से 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है। हालांकि, इस राशि को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी सामने आई है। मुआवजे के विरोध में कर्मचारियों ने हाट कंपनी साइट पर काम रोककर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि हादसे में जान गंवाने वाले साथियों के परिवारों के लिए घोषित आर्थिक सहायता पर पुनर्विचार किया जाए।
CM धामी ने लिया था बचाव अभियान का जायजा
हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पीपलकोटी पहुंचे थे। उन्होंने जिला प्रशासन और राहत-बचाव से जुड़ी टीमों से घटनास्थल पर चल रहे अभियान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, पुलिस, SDRF, NDRF, ITBP और सेना के अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल कर्मचारियों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
हादसे में अब तक 8 मौतें
13 अगस्त को टनल में भूस्खलन के कारण कर्मचारी मलबे की चपेट में आ गए थे। हादसे के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक 8 कर्मचारियों की मौत और 12 के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि दो कर्मचारी अभी भी लापता हैं। फिलहाल रेस्क्यू टीमों का पूरा फोकस लापता कर्मचारियों को खोजने और टनल के अंदर बचाव कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने पर है।