हरिद्वार : विश्व आयुर्वेद दिवस के अवसर पर हरिद्वार के औरंगाबाद में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की स्थापना को योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल बताया।
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम में छात्रों को आयुर्वेद और वैदिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। संस्थान में छात्रों को बीएएमएस Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery की शिक्षा दी जाएगी। शुरुआत में यहां 60 सीटें निर्धारित की गई हैं जबकि भविष्य में संस्थान की क्षमता बढ़ाकर करीब 1,000 सीटों तक किए जाने की योजना है।
आयुर्वेद और आधुनिक शिक्षा का संगम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पतंजलि योगपीठ की ओर से यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद की धरती से आने वाली नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा।
सीएम धामी के मुताबिक गुरुकुलम में शिक्षा के जरिए छात्रों को आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा से जोड़ने के साथ आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण से भी तैयार किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
60 सीटों से होगी शुरुआत
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम की शुरुआत 60 सीटों के साथ की जा रही है। संस्थान की क्षमता को भविष्य में बढ़ाकर 1 हजार सीटों तक करने की योजना है। इसके तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा की शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
वैदिक शिक्षा पर भी जोर
गुरुकुलम में आयुर्वेद के साथ वैदिक शिक्षा को भी महत्व दिया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से परिचित कराने के साथ उन्हें आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है।
विश्व आयुर्वेद दिवस के मौके पर हुए इस उद्घाटन कार्यक्रम में आयुर्वेद को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। हरिद्वार में शुरू हुआ यह संस्थान आने वाले समय में आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में काम करेगा।