खटीमा : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं बल्कि पहला गांव बताया है। इसी सोच के अनुरूप सरकार वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऊधम सिंह नगर जनपद के नेपाल सीमा से लगे गांवों के साथ-साथ पिथौरागढ़ चमोली और उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों का विकास भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इन क्षेत्रों में सड़क शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास आधुनिक क्लासरूम और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
65 लाख 7 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
खटीमा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने नगला तराई स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में मंच निर्माण और विद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया। इन दोनों विकास कार्यों पर कुल 65 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है।
इन कार्यों के पूर्ण होने से विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होने के साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है ताकि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें।
बच्चों से किया आत्मीय संवाद खेलकूद सुविधाओं का लिया जायजा
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों से मुलाकात की और उनसे आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में लगाए गए झूलों के साथ ही खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों से जुड़े उपकरणों का भी निरीक्षण किया।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय में अब बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सीमांत क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और वहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन क्षेत्रों के बच्चे बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त कर अपने गांव प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। नगला तराई में विद्यालयों के आधुनिकीकरण और विकास कार्यों का लोकार्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया।