किच्छा : नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद मंडी परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम के बाहर हुआ विवाद अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। मामला बढ़ने के बाद विधायक बेहड़ धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक एक युवक ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उन्हें थप्पड़ मारा।
विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस मामले में पुलिस को तहरीर देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह पूरे मामले को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया जाएगा।
वहीं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपने ऊपर और अपने समर्थकों पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाते हुए इन्हें निराधार बताया है। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद किच्छा का यह मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस नेताओं ने किच्छा पहुंचकर की मुलाकात
घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किच्छा पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उत्तराखंड कांग्रेस के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने विधायक तिलक राज बेहड़ से मुलाकात की। इस दौरान पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की गई और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विधायक बेहड़ के साथ हुई घटना का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर विधायक बेहड़ के साथ खड़ी है।
आरोपी युवक को माफ करने की बात
विवाद के बीच विधायक तिलक राज बेहड़ ने आरोपी युवक को माफ करने की बात भी कही है। हालांकि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को विधानसभा में उठाने और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में विशेषाधिकार हनन का मुद्दा उठाने की बात कही है।
पंजाबी समाज ने जताया विरोध
घटना के बाद किच्छा में पंजाबी समाज के लोगों ने भी विधायक बेहड़ के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निंदा करते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का पुतला दहन किया और अपना विरोध दर्ज कराया।
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
स्ट्रांग रूम के बाहर हुए विवाद के बाद अब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। एक ओर विधायक तिलक राज बेहड़ मामले को विधानसभा में उठाने की बात कह रहे हैं वहीं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आरोपों को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।