खटीमा में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर का वो हिस्सा जो रेंजर ऑफिस पुलिस चौकी और शहीद स्मारक जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों के बीचों-बीच स्थित है कूड़ाघर में तब्दील हो चुका है। बदबू और बीमारियों के खतरे के बीच स्थानीय लोगों का सब्र टूट गया जिसके बाद अब शासन ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है।
शिकायतों के बावजूद समाधान शून्य
एक तरफ पंडित दीनदयाल पार्क और शनि मंदिर की आस्था है तो दूसरी तरफ रेंजर ऑफिस और पुलिस चौकी का प्रशासनिक पहरा। लेकिन इन सबके बीच लगा कूड़े का यह विशाल अंबार नगर पालिका के दावों की पोल खोल रहा है। स्थानीय निवासी महीनों से इस दुर्गंध के साये में जीने को मजबूर हैं लेकिन शिकायतों के बावजूद समाधान शून्य रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब शासन ने हस्तक्षेप किया है। अपर सचिव मायावती ढकरियाल ने खटीमा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को तत्काल तलब किया।
शहीद स्मारक की गरिमा को ठेस
सचिव ने दो-टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि शहर के बीचों-बीच जमा इस गंदगी को तुरंत साफ किया जाए कचरा निस्तारण के लिए वैकल्पिक और स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच इस गंदगी ने न केवल वातावरण को दूषित किया है बल्कि शहीद स्मारक और मंदिर जैसे पवित्र स्थानों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। शासन की इस सख्ती के बाद अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन कितनी जल्दी हरकत में आता है और खटीमा की जनता को इस नारकीय स्थिति से कब तक निजात मिलती है।