इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि क्या निर्धारित अधिसूचना के अनुसार पंचायत चुनाव समय पर कराए जा सकेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव 26 मई तक या उससे पहले कराए जाने चाहिए, जबकि अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की गई है। इस बीच चुनाव कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
मतदाता सूची में देरी से बढ़ी चिंता
राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी है। इससे पहले मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण और अन्य प्रक्रियाओं को 13 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस देरी ने चुनावी तैयारियों की गति को प्रभावित किया है और समय पर चुनाव कराने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ओबीसी आरक्षण बना सबसे बड़ा मुद्दा
पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अनिवार्य है, लेकिन आयोग का गठन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। आयोग का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है और नए गठन के बाद सर्वेक्षण तथा रिपोर्ट तैयार करने में तीन से छह महीने का समय लग सकता है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा चुनाव प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है।
कार्यकाल समाप्ति और प्रशासनिक विकल्प
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। यदि निर्धारित समय तक चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना बढ़ जाएगी। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अस्थायी समाधान तो हो सकती है, लेकिन इससे जनप्रतिनिधित्व पर प्रभाव पड़ेगा।
मौसम और व्यवस्थागत चुनौतिया
चुनाव प्रक्रिया में देरी होने पर जून की भीषण गर्मी और उसके बाद मानसून का मौसम भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे हालात में चुनाव कराना कठिन हो जाता है। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज की परीक्षाओं के कारण बूथ स्तर पर तैनात कर्मियों की उपलब्धता भी सीमित है, जिससे तैयारियों पर असर पड़ रहा है।
क्या विधानसभा चुनाव के साथ होंगे पंचायत चुनाव
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि पंचायत चुनाव को अगले वर्ष तक टाला जा सकता है और इन्हें विधानसभा चुनाव के साथ या उसके बाद कराया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित होगा और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।
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