उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के गोविंदघाट रेंज में जंगल में लगी आग के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। यह आग अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा नदियों के बीच स्थित दुर्गम और पथरीले इलाके में फैली है, जिससे स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है। क्षेत्र की दुर्गमता को देखते हुए हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण और अग्निशमन की योजना बनाई गई है। जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार की पहल पर हेलीकॉप्टर से सर्वे की अनुमति दी गई है।
फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब पूरी तरह सुरक्षित
सर्वे के बाद डीएफओ सर्वेश दुबे ने स्पष्ट किया कि फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब पूरी तरह सुरक्षित हैं। उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, जमीनी टीमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन की निगरानी की सहायता से आग बुझाने में जुटी हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी बताया गया है कि प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
भारतीय वायु सेना ने अभियान में सहयोग किया
इससे पहले गुरुवार सुबह भारतीय वायु सेना ने भी इस अभियान में सहयोग किया। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय वायु कमान ने जोशीमठ में अग्निशमन कार्य के लिए Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किया। वायु सेना ने इसे अपनी परिचालन तत्परता और आपदा राहत में निभाई जा रही दोहरी भूमिका का उदाहरण बताया।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल
नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व, जिसे नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है, हिमालयी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण वन्य क्षेत्र है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसमें नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं। यह इलाका अलकनंदा नदी और उसकी सहायक नदियों से घिरा हुआ है तथा हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग और कई दुर्लभ वनस्पति व जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास है।
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