पौड़ी; उत्तराखंड के पौड़ी जिले की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया द्वारा जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों के निरीक्षण का तीसरा दिन प्रशासन की संवेदनशीलता तत्परता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया। थलीसैंण विकासखंड में प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत न्याय पंचायत पित्रसैंण से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों और संस्थानों की गहन समीक्षा की।
41 पंजीकृत मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग
निरीक्षण की शुरुआत निर्माणाधीन उप जिला अस्पताल थलीसैंण से हुई, जहां जिलाधिकारी ने अस्पताल की भूमि, निर्माण कार्यों एवं सेवाओं की स्थिति का गहन अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अवकाश पंजिका, प्रयोगशाला कक्ष, एक्स-रे यूनिट, टीबी क्लीनिक तथा औषधि भंडार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। टीबी क्लीनिक में वर्तमान में 41 पंजीकृत मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग कर मरीजों से सतत संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। औषधि भंडार की स्थिति देखते हुए उन्होंने चिकित्सकों को बाहर की दवाएं न लिखने तथा मरीजों को समय पर निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने डायग्नोस्टिक सेवाओं की भी जानकारी ली। लेबर रूम निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अधिकतम प्रसव यहीं कराए जाएं तथा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों में गर्भवती महिलाओं के निरंतर संपर्क में रहकर समय पर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नेत्र, डेंटल अनुभाग, सफाई, शौचालय व पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की। अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्यों को देखकर जिलाधिकारी ने कार्य में तत्काल तेजी लाने के निर्देश देते हुए कल से कार्य प्रगति में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने को कहा।।
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