कोलकाता: कोलकाता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगने वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगभग 16 मामले विचाराधीन हैं, इसलिए इस समय उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का सुझाव दिया था, लेकिन अभिषेक बनर्जी के वकील ने इसे स्वीकार नहीं किया।
स्वास्थ्य मंत्री का तीखा हमला और तंज
हाईकोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने कटाक्ष किया कि ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के घेरे से निकलकर भागने की कोशिश पर जजों ने लक्ष्मण रेखा खींच दी है। उन्होंने कहा कि जब बंगाल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं, तो बाहर जाने की क्या जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक के 'सेवाश्रय' उपक्रम पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप से बात करके अमेरिका में सेवाश्रय खोलने का प्रयास कर सकते हैं।
अग्निमित्रा पॉल की सलाह और विपक्ष पर कटाक्ष
इससे पूर्व राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी सलाह दी थी कि राज्य सरकार अभिषेक बनर्जी के लिए एसएसकेएम अस्पताल में सिंगल बेड और बेहतर इलाज की व्यवस्था कर सकती है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के निजी ब्लड बैंकों को नियमों के तहत काम करने की सख्त चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वामपंथियों का भ्रष्टाचार ढका हुआ था, जबकि तृणमूल का भ्रष्टाचार बिना किसी आवरण के सामने है और लोग सब समझ रहे हैं।