कोलकाता: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कॉलेज परिसरों में छात्रों, खासकर Gen Z को रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से नई मुहिम शुरू करने का फैसला किया है। संगठन का मानना है कि केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित रहने के बजाय छात्रों को हरित गतिविधियों, संगीत और बौद्धिक चर्चाओं से जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के साथ "Screen Time to Green Time" और "Screen Time to Music Time" जैसे अभियान चलाए जाएंगे।
कॉलेज कैंपस का माहौल बदलने की तैयारी
ABVP का कहना है कि कॉलेज परिसर केवल कॉमन रूम या यूनियन रूम तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें ज्ञान, संवाद और रचनात्मकता का केंद्र बनाया जाए। संगठन का दावा है कि पहले कई परिसरों में छात्र राजनीति और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विवादों का माहौल देखने को मिलता था, जबकि अब छात्रों के समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा।
संगीत और महापुरुषों के विचारों से होगा संवाद
अभियान के तहत कॉलेजों में संगीत गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद, डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सहित विभिन्न महापुरुषों के जीवन और विचारों पर चर्चा सभाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि छात्रों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना विकसित हो सके।
'कैंपस चलो' अभियान से बढ़ेगी छात्रों की भागीदारी
ABVP जल्द ही "कैंपस चलो" अभियान भी शुरू करेगी। इसका उद्देश्य छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना, उन्हें शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल करना तथा कॉलेज जीवन को अधिक सक्रिय और रचनात्मक बनाना है।
युवाओं से सीधे जुड़ने की रणनीति
ABVP का मानना है कि नई पीढ़ी की सोच और रुचियों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक छात्र राजनीति के साथ-साथ रचनात्मक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देना समय की जरूरत है। इसी रणनीति के तहत संगठन कॉलेजों में सकारात्मक, सांस्कृतिक और बौद्धिक वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दे रहा है।