बांंकुड़ा: बांंकुड़ा के जयपुर थाना क्षेत्र के लोकपुर आईसीडीएस केंद्र से सरकारी चावल को कथित तौर पर बाहर ले जाने का मामला सामने आया है। चावल को बोरे में भरकर बाइक से ले जाने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को मौके पर ही रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने चावल को दूसरे आईसीडीएस केंद्र में ले जाने की बात कही। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा दूसरे केंद्र में जानकारी लेने पर वहां चावल की कमी नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना जयपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति को अपने कब्जे में लिया। वहीं, आईसीडीएस केंद्र की कर्मचारी ने चावल की चोरी या अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है।
बाइक पर बोरा लादकर चावल ले जाने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को लोकपुर आईसीडीएस केंद्र में रोज की तरह बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान एक ग्रामीण की नजर एक व्यक्ति पर पड़ी, जो चावल से भरा बोरा बाइक पर लादकर केंद्र से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। संदिग्ध गतिविधि देखकर ग्रामीणों को उस व्यक्ति पर शक हुआ। ग्रामीणों ने उसे रोककर चावल के बारे में जानकारी मांगी। पूछताछ में व्यक्ति ने बताया कि वह चावल किसी दूसरे आईसीडीएस केंद्र पर पहुंचाने जा रहा है। उसका कहना था कि वहां चावल की कमी हो गई है। इसके बाद ग्रामीणों ने उसकी बताई जगह पर जाकर मामले की पुष्टि करने का फैसला किया। इसी जांच के बाद पूरा मामला विवाद में बदल गया।
दूसरे आईसीडीएस केंद्र में नहीं मिली चावल की कमी
ग्रामीणों ने जब उस दूसरे आईसीडीएस केंद्र में जाकर जानकारी ली, जहां चावल पहुंचाने की बात कही गई थी, तो वहां ऐसी कोई कमी सामने नहीं आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संबंधित केंद्र में पर्याप्त मात्रा में चावल मौजूद था। इसके बाद ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया। ग्रामीणों ने चावल लेकर जा रहे व्यक्ति को रोक लिया और उससे दोबारा पूछताछ की। मामले की जानकारी जयपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और चावल से भरे बोरे को भी देखा। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि चावल को वास्तव में कहां और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
आईसीडीएस कर्मी पर मिलीभगत का आरोप
मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने आईसीडीएस केंद्र की कर्मचारी पुतुल सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जानकारी या कथित मिलीभगत के बिना केंद्र से सरकारी चावल बाहर ले जाना संभव नहीं है। इसी आरोप को लेकर ग्रामीणों ने आईसीडीएस कर्मी को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने केंद्र में पहले से चल रही कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बच्चों को दिए जाने वाले पके हुए भोजन की मात्रा कई बार सामान्य से कम रहती है। ऐसे में सरकारी चावल को बाहर ले जाने की कोशिश ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
बच्चों के भोजन की मात्रा को लेकर भी सवाल
ग्रामीणों ने आईसीडीएस केंद्र में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि केंद्र में बच्चों के लिए तैयार होने वाले भोजन की मात्रा अपेक्षा के अनुरूप नहीं होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से बच्चों के पोषण के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि वही चावल केंद्र से बाहर ले जाने की कोशिश की जाती है तो इसका सीधा असर बच्चों को मिलने वाले भोजन पर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आईसीडीएस केंद्रों पर मिलने वाले सरकारी राशन की नियमित निगरानी होनी चाहिए। इससे खाद्यान्न की कथित हेराफेरी और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।
आईसीडीएस कर्मी ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, आईसीडीएस केंद्र की कर्मचारी पुतुल सरकार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने चावल बेचने या चावल की चोरी कर उसे बाहर भेजने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि केंद्र से चावल किसी गलत उद्देश्य से नहीं ले जाया जा रहा था। दूसरी ओर, ग्रामीण अपने आरोपों पर कायम हैं और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल घटना को लेकर ग्रामीणों और आईसीडीएस कर्मी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चावल किस उद्देश्य से बाइक से ले जाया जा रहा था। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच की मांग उठ रही है।
आईसीडीएस कर्मी को स्थानांतरित करने की मांग
ग्रामीणों ने कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए आईसीडीएस कर्मी पुतुल सरकार को तत्काल दूसरे केंद्र पर स्थानांतरित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में लंबे समय से कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान कर्मचारी को दूसरी जगह भेजा जाना चाहिए। ग्रामीणों ने सरकारी खाद्यान्न के इस्तेमाल और वितरण की निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि आईसीडीएस केंद्र बच्चों के पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। यहां किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता का असर सीधे बच्चों पर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन को शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ग्रामीणों ने दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
घटना की सूचना मिलने के बाद जयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए व्यक्ति से भी पूछताछ की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चावल कहां से लाया गया था और उसे किस उद्देश्य से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। साथ ही, आईसीडीएस केंद्र से चावल बाहर ले जाने की अनुमति थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। ग्रामीणों के आरोप और आईसीडीएस कर्मी के पक्ष को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की पड़ताल जरूरी है। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच के बाद ही चावल ले जाने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने इलाके में आईसीडीएस केंद्रों की निगरानी और सरकारी खाद्यान्न के वितरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।