कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आए हैं। बैरकपुर के नीलगंज में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक तनाव देखने को मिला, जब बीजेपी विधायक और वकील कौस्तव बागची एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। यहां पहले से मौजूद स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और 'गो बैक' के नारे लगाए। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर तनाव का माहौल बन गया।
नीलगंज में कौस्तव बागची के पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
मामला बैरकपुर के नीलगंज स्थित राष्ट्रीय कृषि एवं जूट अनुसंधान संस्थान का है। शुक्रवार को यहां एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए बैरकपुर के बीजेपी विधायक कौस्तव बागची पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब एक बजे नीलगंज-मोहनपुर इलाके के स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता संस्थान के बाहर पहुंच गए थे। उनके हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं। जैसे ही कौस्तव बागची कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अंदर जाने लगे, कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खुलेआम उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। कार्यकर्ता लगातार 'गो बैक' के नारे लगाते रहे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
मनीष शुक्ला हत्याकांड को लेकर नाराजगी
स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कौस्तव बागची के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन की वजह हाल ही में मनीष शुक्ला हत्याकांड को लेकर दिया गया उनका बयान है। दरअसल, कौस्तव बागची ने नोआपाड़ा के विधायक और राज्य के परिवहन एवं श्रम मंत्री अर्जुन सिंह को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिकूल टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी से स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अर्जुन सिंह को लेकर कौस्तव बागची की सार्वजनिक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इसे अपने विरोध का कारण बताया। इस घटना ने एक बार फिर बैरकपुर इलाके में बीजेपी के भीतर चल रहे मतभेदों को चर्चा में ला दिया है।
काफी देर तक जारी रहा धरना-प्रदर्शन
कौस्तव बागची के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध तेज कर दिया। कार्यकर्ता संस्थान के बाहर जमा होकर लगातार नारेबाजी करते रहे। इस दौरान उन्होंने विधायक के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए धरना भी दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर 'गो बैक' के नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा। शुक्रवार दोपहर हुई इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने बैरकपुर में बीजेपी की अंदरूनी राजनीति और नेताओं के बीच मतभेद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।