कोलकाता: दुर्गापूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने विशेष सुरक्षा योजना तैयार की है। सोमवार को बैरकपुर के सुकांत सदन में आयोजित प्रशासनिक बैठक में राज्य के श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने बड़े पूजा पंडालों में ड्रोन से निगरानी, महिलाओं की सुरक्षा और ध्वनि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
बड़े पंडालों पर ड्रोन से होगी निगरानी
प्रशासनिक बैठक में बड़े पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन निगरानी की योजना बनाई गई है।पुलिस ने पूजा आयोजकों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक रखने का निर्देश भी दिया है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और भीड़ संभालने में मदद मिले।
महिलाओं से बदसलूकी की शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
मंत्री अर्जुन सिंह ने पुलिस को निर्देश दिया कि पूजा पंडालों में महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी या उत्पीड़न की शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाए। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुर्गा वाहिनी की सक्रियता पर भी जोर दिया गया।उन्होंने महालया के बाद तेज आवाज में DJ बजाने को लेकर भी सतर्क रहने की बात कही। ध्वनि संबंधी नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया गया।
23 थानों के इलाके में करीब 3 हजार पूजा
पुलिस कमिश्नर अमित कुमार सिंह के अनुसार, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के 23 थानों के अंतर्गत करीब 3,000 पूजा आयोजनों को अनुमति दी गई है। सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन को लेकर पूजा समितियों को जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस कमिश्नर ने कांचरापाड़ा और हालीशहर के बड़े पूजा आयोजनों की व्यवस्थाओं का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया है।
1,100 पूजा समितियों को अनुदान के चेक वितरित
सोमवार को सुकांत सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1,100 पूजा समितियों को सरकारी अनुदान के चेक दिए गए। शेष समितियों तक चेक स्थानीय थानों के माध्यम से पहुंचाए जाएंगे।कार्यक्रम में मंत्री कल्याण चक्रवर्ती, विधायक रत्ना देबनाथ और कौस्तुभ बागची भी मौजूद थे।
बड़े पूजा पंडालों के उद्घाटन की भी तैयारी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र के चार से पांच बड़े पूजा पंडालों का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, इन कार्यक्रमों की आधिकारिक तारीखों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।दुर्गापूजा के दौरान पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी।