कोलकाता/बारुईपुर: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई बेरहमी से दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब सूबे की राजनीति में उबाल आ गया है। विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर मुख्यमंत्री पर अब तक का सबसे तीखा और अभूतपूर्व हमला बोला है।
"आप एक चरम पाखंडी हैं"– TMC का सीधा हमला
तृणमूल कांग्रेस ने बारुईपुर मामले में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के रुख पर सवाल उठाते हुए 'X' पर लिखा: "मिस्टर सुवेंदु अधिकारी, आप एक चरम पाखंडी हैं! ठीक वैसे ही जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार हो रही हिंसा के बावजूद मणिपुर जाने का समय नहीं मिला, वैसे ही आपकी निगरानी में बारुईपुर में जिस छोटी बच्ची की बेरहमी से दुष्कर्म और हत्या की गई, उसके परिवार से मिलने का समय आपके पास नहीं है।"
TMC ने विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि पीड़ित माता-पिता को पहले भवानी भवन आकर 'अमानवीय और असफल' मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कहा गया था। पार्टी ने आगे तंज कसते हुए कहा, "अब सुनने में आ रहा है कि वह कल पीड़ित परिवार से बात करेंगे, क्योंकि आज वह अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं! इसे कहते हैं प्राथमिकताओं का खेल। बीजेपी नेता बेशर्मी की किस हद तक जा सकते हैं, यह कल्पना से परे है।"
सीएम सुवेंदु अधिकारी का पलटवार: दोषियों को मिलेगी फांसी
TMC के इन तीखे हमलों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कोलकाता के मित्र इंस्टीट्यूशन में श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अपराधियों को अधिकतम सजा यानी 'मृत्युदंड' (फांसी) दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद अगर पुलिस की लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" इसके साथ ही उन्होंने घटना के बाद बारुईपुर में हुई मॉब लिंचिंग, रेल रोको आंदोलन और पुलिस-सीआरपीएफ पर हुए हमलों के पीछे एक गहरी राजनीतिक और सांप्रदायिक साजिश होने का भी अंदेशा जताया।
24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी आनंद सरदार गिरफ्तार
राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में तेजी से कार्रवाई की गई है। रविवार को घटना की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस तत्परता का नतीजा यह हुआ कि 24 घंटे के भीतर यानी सोमवार दोपहर को पुलिस ने बारुईपुर इलाके से ही मुख्य आरोपी आनंद सरदार को धर दबोचा।
जहां एक तरफ तृणमूल कांग्रेस सरकार को संवेदनहीन बताते हुए घेर रही है, वहीं सरकार का दावा है कि अपराधी को पकड़ा जा चुका है और उसे जल्द से जल्द फांसी के फंदे तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। बारुईपुर की इस घटना ने इस समय बंगाल की सियासी तपिश को चरम पर पहुंचा दिया है।