कोलकाता: आरजी कर मामले में अब तक न्याय नहीं मिलने के बीच बारुईपुर में नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस मामले पर अब आरजी कर पीड़िता की मां और पानिहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है।
'एक मां होने के नाते दर्द समझ सकती हूं'
सोमवार को पानिहाटी विधानसभा कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मीडिया से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने कहा कि बारुईपुर की घटना से वह बेहद मर्माहत हैं। उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते वह पीड़ित परिवार की पीड़ा को अच्छी तरह महसूस कर सकती हैं।
'न्याय मिल भी जाए, बेटी वापस नहीं आएगी'
रत्ना देबनाथ ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी और उदाहरणात्मक सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने भावुक होकर कहा, "न्याय भले मिल जाए, लेकिन क्या माता-पिता को उनकी बेटी वापस मिल सकती है?" उन्होंने बताया कि वह जल्द ही पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन देंगी।
संसद से लेकर गृह मंत्री तक उठाएंगी मामला
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले को संसद में भी उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने बताया कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बारुईपुर की घटना को उनके संज्ञान में लाएंगी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करेंगी।
सुवेंदु अधिकारी से भी करेंगी बातचीत
रत्ना देबनाथ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर राज्य के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से भी बातचीत करेंगी। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए यदि आवश्यकता पड़ी तो वह आंदोलन में भी शामिल होंगी। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ कानूनी और सामाजिक लड़ाई में हर संभव सहयोग देने का भी भरोसा दिलाया।