कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दो प्रमुख पारंपरिक उद्योग चाय और टेक्सटाइल को नई गति देने की दिशा में केंद्र सरकार सक्रिय होती दिखाई दे रही है। कोलकाता टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हाल ही में उनकी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में इन दोनों क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
निर्मला सीतारमण ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि चाय उद्योग, चाय श्रमिकों और टेक्सटाइल सेक्टर के विकास के लिए किसी विशेष सहायता की जरूरत होगी, तो केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार रहेगी। उनका उद्देश्य इन उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी और रोजगार सृजन में सक्षम बनाना है।
फुलिया और शांतिपुर के हथकरघा उद्योग पर विशेष नजर
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि निर्मला सीतारमण ने विशेष रूप से नदिया के फुलिया और शांतिपुर के प्रसिद्ध हथकरघा उद्योग में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने इस पारंपरिक उद्योग को बंगाल की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बताते हुए इसके आधुनिकीकरण, विपणन और विस्तार के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है।
अगस्त के अंत में बंगाल आएंगी वित्त मंत्री
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 24 से 28 अगस्त के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगी। इस दौरान टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रमुख व्यापारियों और उद्यमियों के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी, जिससे उद्योग की चुनौतियों और संभावनाओं पर सीधा संवाद हो सके तथा केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ राज्य को मिल सके।
टेक्सटाइल उद्योग के लिए कानून बदलने को भी तैयार सरकार
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि व्यापारिक लाइसेंस की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वस्त्र उद्योग के विकास के लिए किसी कानून या नियम में संशोधन की आवश्यकता होगी, तो राज्य सरकार विधानसभा में विधेयक लाकर आवश्यक बदलाव करने से पीछे नहीं हटेगी।
केंद्र-राज्य समन्वय से उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से पश्चिम बंगाल के चाय और वस्त्र उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे निवेश बढ़ेगा, पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।