कोलकाता: कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। 17 अक्टूबर की शाम हुए इस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। विपक्ष ने भीड़ प्रबंधन, पुलिस की व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी से लेकर माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम तक ने घटना को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है।
मोहम्मद सलीम ने उठाए सवाल, मृतकों और घायलों की पूरी सूची जारी करने की मांग
माकपा के पश्चिम बंगाल राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने चोरबागान हादसे को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि घटना में जान गंवाने वालों और घायलों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर किसी तरह का भ्रम न फैले। सलीम ने भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी धार्मिक भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने में प्रशासन की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा, आम लोगों की सुरक्षा पर उठाया सवाल
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हादसे पर दुख जताते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात करने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। अभिषेक ने स्पष्ट किया कि लोगों की जान से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने घटना की उचित जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
कुणाल घोष ने पूछा आखिर जिम्मेदारी किसकी?
तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी हादसे को लेकर प्रशासन से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि घटना की जिम्मेदारी किसकी है और पूजा आयोजन समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बारिश और दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ की आशंका पहले से होने के बावजूद उसे नियंत्रित करने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। कुणाल ने आरोप लगाया कि पूजा समिति के पुराने पदाधिकारियों को हटाने के मामले की भी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने भी चोरबागान हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई अन्य मामलों में दिखाई देती है, लेकिन भीड़ नियंत्रण के मामले में अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आई। उन्होंने सवाल किया कि पूजा पंडालों को आवश्यक अनुमति और मंजूरी दिए जाने के बावजूद ऐसी दुर्घटना कैसे हुई। कांग्रेस ने भी हादसे की परिस्थितियों की जांच और प्रशासनिक जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
ममता बनर्जी ने जताया दुख, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चोरबागान की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर से वह बेहद दुखी हैं। ममता ने मां दुर्गा से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को हिम्मत देने की प्रार्थना की।
बारिश और भारी भीड़ के बीच बिगड़े हालात, 17 लोगों की मौत
यह हादसा 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बारिश के दौरान पंडाल में प्रवेश करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोगों को बचाने के लिए दमकल, कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषित की आर्थिक सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई। इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया।