कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रहे विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी नेता और राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में इसी तरह अंदरूनी खींचतान जारी रही तो आने वाले चुनाव में उसके लिए उम्मीदवार उतारना भी मुश्किल हो सकता है।
‘आपसी लड़ाई में खत्म हो जाएंगे’
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर चल रही आपसी लड़ाई उसके संगठन पर असर डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी और पार्टी उम्मीदवार उतारकर चुनावी मुकाबले में शामिल होने की स्थिति में नहीं रह जाएगी।
घोष ने कहा, “अगर वे बार-बार ऐसा करते रहे, तो चुनाव खत्म हो जाएगा। वे उम्मीदवार देकर चुनाव में मुकाबला नहीं कर पाएंगे।” उनका यह बयान टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद
तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे नेतृत्व विवाद के बीच पार्टी के नाम और पारंपरिक ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को लेकर भी मामला चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। 18 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक की स्थिति बनी हुई है।
इसी विवाद के बीच 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। दोनों सीटों को लेकर टीएमसी के गुटों की ओर से चुनावी दावे और तैयारियां भी जारी हैं।
दिलीप घोष के बयान से फिर गरमाई सियासत
दिलीप घोष पहले भी टीएमसी के अंदरूनी विवाद और पार्टी के नाम-चिह्न को लेकर चल रही खींचतान पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। 18 सितंबर को उन्होंने दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस अंदरूनी कलह के कारण बिखर रही है। हालांकि, ये सभी दावे दिलीप घोष के राजनीतिक बयान हैं और टीएमसी की ओर से इन पर आने वाली प्रतिक्रिया अलग राजनीतिक पक्ष को सामने रख सकती है।