कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के पार्क सर्कस स्थित उर्दू अखबार के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड 24 घंटे बाद मंगलवार सुबह खत्म हुई। सोमवार (7 सितंबर, 2026) सुबह करीब 6 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने अचानक दफ्तर पर छापा मारा था। 24 घंटे से अधिक समय तक चले इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी अधिकारियों ने अखबार के वित्तीय रिकॉर्ड्स, बैंक अकाउंट के दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण कागजात अपने कब्जे में ले लिए हैं। जांच के दौरान अखबार के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन और कई अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके अलावा अधिकारियों ने दफ्तर से डिजिटल डेटा और सांसद नदीमुल हक के फोन का डेटा भी जब्त कर लिया है।
रांची में थे सांसद, शुरुआती पूछताछ के बाद कोलकाता रवाना
जिस समय ईडी की टीम कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित कार्यालय में छापेमारी कर रही थी, उस समय टीएमसी सांसद नदीमुल हक शहर में मौजूद नहीं थे। वह एक संसदीय समिति के सिलसिले में झारखंड की राजधानी रांची में थे। ईडी अधिकारियों ने रांची पहुंचकर उनसे प्राथमिक पूछताछ की। इसके बाद टीएमसी सांसद अपनी गाड़ी से कोलकाता लौट आए हैं। केंद्रीय एजेंसी ने केवल समाचार पत्र के दफ्तर ही नहीं, बल्कि सांसद के आवास और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की।
7 ठिकानों पर एक साथ ईडी की कार्रवाई, पुलिस शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने सोमवार को दिल्ली, कोलकाता और रांची में सांसद नदीमुल हक और उनके रिश्तेदारों से जुड़े कुल सात ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसद के उर्दू समाचार पत्र कार्यालय के जरिए अवैध वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे। इस संबंध में पिछले महीने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस केस दर्ज होने के बाद वित्तीय अनियमितताओं के इस मामले की जांच ईडी को सौंप दी गई थी।
वित्तीय अनियमितता मामले में जल्द दोबारा हो सकती है पूछताछ
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, समाचार पत्र के खातों में भारी नकद लेन-देन और अज्ञात स्रोतों से मिले फंड को लेकर कई वित्तीय विसंगतियां सामने आई हैं। जब्त किए गए डिजिटल सबूतों और बैंक दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय हेरफेर से जुड़े इस मामले में सांसद नदीमुल हक को समन जारी कर आगे की पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।