कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज दो दिन बाद ही केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगर पालिका नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। बुधवार को ईडी ने राज्य के दो दिग्गज नेताओं और निवर्तमान मंत्रियों, सुजीत बोस और रथिन घोष को साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में हाजिर होने का आदेश दिया था।
हाजिरी से बनाई दूरी, दिए ये कारण
चुनाव प्रचार में व्यस्तता का हवाला देकर पहले समय मांगने वाले इन दोनों नेताओं ने बुधवार को भी ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया:
रथिन घोष: पूर्व मंत्री रथिन घोष ने ईडी को पत्र लिखकर बताया है कि वे शौचालय में गिर गए थे, जिससे उनके पैर में चोट आई है। डॉक्टरों ने उन्हें 10 दिनों तक आराम करने की सलाह दी है। बता दें कि रथिन घोष ने मध्यमग्राम सीट से 2399 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की है।
सुजीत बोस: बिधाननगर से चुनाव हारने वाले सुजीत बोस ने तर्क दिया है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं और वे उनकी मदद करने में व्यस्त हैं। इससे पहले हाई कोर्ट के निर्देश पर वे 1 मई को ईडी के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे 9 घंटे पूछताछ हुई थी और उन्हें 6 मई को दोबारा बुलाया गया था।
जांच का दायरा और छापेमारी
नगर पालिका भर्ती मामले में ईडी पहले भी इन दोनों नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। सुजीत बोस के घर और कार्यालय के साथ-साथ उनके बेटे समुद्र के रेस्तरां की भी तलाशी ली गई थी। रथिन घोष के आवास पर भी अक्टूबर 2023 में छापेमारी और पूछताछ हो चुकी है।
अगली तारीख जल्द
ईडी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं की अर्जियों पर विचार करने के बाद पूछताछ के लिए जल्द ही नई तारीखें घोषित की जाएंगी। सुजीत बोस ने पूर्व में कहा था कि वे जांच में सहयोग करेंगे और उनके अनुसार 'व्यापार करना अपराध नहीं है, लेकिन चोरी करना अपराध है'।