झाड़ग्राम: पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम से नौकरी के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये लेने का आरोप तृणमूल कांग्रेस के नेता अजीत महतो पर लगा है। इस मामले में गिरफ्तार अजीत महतो को झाड़ग्राम थाने की पुलिस ने अदालत में पेश किया। हालांकि, तृणमूल नेता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है।
वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये लेने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, अजीत महतो पर एक बेरोजगार युवक को वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि नौकरी पाने की उम्मीद में युवक ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये दिए थे। हालांकि, पैसे देने के बाद भी युवक को सरकारी नौकरी नहीं मिली। इसके बाद मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तृणमूल नेता अजीत महतो को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नौकरी के नाम पर कथित ठगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अदालत में पेश हुए अजीत महतो, आरोपों को बताया झूठा
गिरफ्तारी के बाद झाड़ग्राम थाने की पुलिस ने अजीत महतो को अदालत में पेश किया। अदालत ले जाते समय उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। अजीत महतो का दावा है कि उन्हें जानबूझकर एक झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने अपने ऊपर लगे 10 लाख रुपये की ठगी के आरोपों को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की सच्चाई का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, इस मामले में तृणमूल नेता का बयान भी सामने आ चुका है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
ठगी के पीछे किसी और की भूमिका है या नहीं, जांच में जुटी पुलिस
वहीं, पुलिस अब इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का पता लगाने पर जोर है कि क्या इस कथित ठगी में अजीत महतो के अलावा कोई और व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नौकरी दिलाने का भरोसा किस आधार पर दिया गया था और 10 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं। इसके अलावा, जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह से और बेरोजगार युवकों को तो निशाना नहीं बनाया गया। पुलिस को आशंका है कि मामले में कुछ और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल, जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित ठगी से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।