कोलकाता/बीरभूम: कौशिकी अमावस्या से पहले तारापीठ में तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी आज तारापीठ पहुंचेंगे। भीषण अग्निकांड के बाद यह उनका पहली बार तारापीठ दौरा होगा। मुख्यमंत्री बीरभूम जिला प्रशासन की ओर से आयोजित विशेष बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में कौशिकी अमावस्या के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेंगे। इस दौरान सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
कौशिकी अमावस्या को लेकर तैयारियों की समीक्षा
तारापीठ में कौशिकी अमावस्या के अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी विशेष बैठक में अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए इंतजामों की भी जानकारी ली जाएगी। जिला प्रशासन को आयोजन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष जोर रहने की संभावना है।
भीषण अग्निकांड के बाद पहली बार तारापीठ दौरा
तारापीठ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का यह पहला दौरा है। ऐसे में उनके दौरे को प्रशासनिक और सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आग की घटना के बाद मंदिर क्षेत्र और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल सामने आए थे। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान अग्निकांड के बाद किए गए सुरक्षा उपायों की जानकारी ले सकते हैं। संभावित आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए किए गए इंतजामों की भी समीक्षा की जाएगी। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली जा सकती है। कौशिकी अमावस्या के दौरान बड़ी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा योजना पर चर्चा होगी। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा जा सकता है।
चिनार पार्क स्थित आवास से रवाना हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अपने चिनार पार्क स्थित आवास से आज रवाना हुए। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां की गई हैं। आवास से निकलने के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। वहां से वे विमान के जरिए अंडाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। अंडाल एयरपोर्ट से आगे का सफर हेलीकॉप्टर के जरिए तय किया जाएगा। हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री सीधे तारापीठ पहुंचेंगे। तारापीठ पहुंचने के बाद वे बीरभूम जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद उनके निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य गतिविधियां हो सकती हैं।
कोलकाता से अंडाल, फिर हेलीकॉप्टर से तारापीठ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का यात्रा कार्यक्रम भी काफी अहम है। वे पहले कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से विमान के जरिए अंडाल जाएंगे। अंडाल एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से तारापीठ के लिए रवाना होंगे। हवाई मार्ग से तारापीठ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सीधे प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में बीरभूम जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। कौशिकी अमावस्या से पहले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक तैयारियों में किसी तरह की कमी मिलने पर उसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा फोकस
कौशिकी अमावस्या के दौरान तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत होगी। आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने की चुनौती होगी। इसके अलावा पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा सकती है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों और अन्य कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री अधिकारियों से इन सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ले सकते हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयारी करने पर जोर रहेगा।
आज ही कोलकाता लौटेंगे सुवेंदु अधिकारी
तारापीठ में बैठक और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी आज ही कोलकाता लौटेंगे। इसके लिए उनका यात्रा कार्यक्रम उसी दिन वापसी के अनुसार रखा गया है। तारापीठ से वे वापस अंडाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद विमान के जरिए कोलकाता लौटेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा कुछ घंटों का ही रहने की संभावना है। हालांकि, कौशिकी अमावस्या से पहले होने के कारण इसे काफी अहम माना जा रहा है। दौरे के दौरान लिए गए फैसलों का असर आने वाले दिनों की प्रशासनिक तैयारियों पर दिखाई दे सकता है। खासतौर पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है।