कोलकाता: कोलकाता में गुरुवार को ISKCON की रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग पर जुटने लगे। "जय जगन्नाथ" के जयघोष और भजन-कीर्तन के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी रथयात्रा में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की।
परंपरा निभाते हुए सड़क पर लगाया झाड़ू, फिर खींची भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रथयात्रा की पारंपरिक शुरुआत सड़क पर झाड़ू लगाकर की। इसके बाद उन्होंने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ को साष्टांग दंडवत प्रणाम किया और श्रद्धालुओं के साथ आरती में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से पूरे आयोजन में विशेष उत्साह देखने को मिला।
'रथयात्रा में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य, गीता का संदेश समाज तक पहुंचे'
रथयात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता ISKCON की रथयात्रा में शामिल होना उनके लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता का संदेश केवल धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सत्य, सेवा और मानवता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने सभी लोगों से भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की।
1 अगस्त से कोलकाता के स्कूलों में ISKCON संभालेगा मिड-डे मील की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए ISKCON के साथ साझेदारी की है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से कोलकाता महानगर के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील उपलब्ध कराने का कार्य ISKCON करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों में ISKCON पहले से इस योजना का सफल संचालन कर रहा है और अब पश्चिम बंगाल में भी इसका लाभ छात्रों को मिलेगा।
रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के साथ भी मिलकर करेगी सरकार काम
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में केवल ISKCON ही नहीं, बल्कि रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ जैसी प्रतिष्ठित सेवा संस्थाओं के साथ भी शिक्षा, पोषण, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्रों में मिलकर काम करेगी। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर सुविधाएं और सेवा पहुंचाना है।
भक्ति के साथ सेवा का भी संदेश दे गई रथयात्रा
इस वर्ष की ISKCON रथयात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं रही, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण का संदेश भी लेकर आई। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से स्पष्ट हुआ कि धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से शिक्षा और पोषण जैसी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।