कोलकाता: पश्चिम बंगाल में काली पूजा की तैयारियों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एसएन बनर्जी रोड स्थित प्रसिद्ध जानबाजार सम्मिलित श्री श्री काली पूजा मंडप का वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस साल यह पूजा अपने 58वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। निरीक्षण के दौरान कई सुरक्षा संबंधी खामियों और नियमों को लेकर आयोजकों को निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया पूजा मंडप का निरीक्षण
जानबाजार काली पूजा मंडप का निरीक्षण करने के लिए दमकल मंत्री कौशिक चौधरी, डीजी फायर अनुज शर्मा और जॉइंट सीपी हेडक्वार्टर सुदीप सरकार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने मंडप की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और आसपास की परिस्थितियों का जायजा लिया। इस दौरान पूजा आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आयोजकों के साथ चर्चा भी की गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने आयोजन स्थल की स्थिति को देखते हुए कई महत्वपूर्ण आपत्तियां भी दर्ज कीं। संयुक्त निरीक्षण के बाद प्रशासन ने पूजा आयोजकों को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। प्रशासन का कहना है कि सभी जरूरी नियमों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही आगे की अनुमति दी जाएगी।
चोरबागान हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
चोरबागान में हुई दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन इस बार किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। इसी वजह से काली पूजा मंडपों की जांच और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दमकल मंत्री कौशिक चौधरी ने स्पष्ट किया कि पूजा आयोजनों को अनुमति देने से पहले सभी जरूरी नियमों और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी आयोजन में लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। इसी क्रम में जानबाजार पूजा कमेटी को भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंडप की ऊंचाई पर डीजी फायर की आपत्ति
निरीक्षण के दौरान डीजी फायर अनुज शर्मा ने पूजा कमेटी के मुख्य आयोजक और एंटाली के विधायक संदीपन साहा के सामने दो प्रमुख आपत्तियां रखीं। पहली आपत्ति जानबाजार की व्यस्त सड़क पर स्टेज बनाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर थी। अनुज शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि इतनी व्यस्त सड़क पर स्टेज बनाकर किसी भी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन के मुताबिक, इस तरह के आयोजन से सड़क पर यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। दूसरी आपत्ति पूजा मंडप की ऊंचाई को लेकर जताई गई। डीजी फायर ने इस संबंध में भी आयोजकों को प्रशासन की स्थिति स्पष्ट कर दी। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों के अनुरूप ही मंडप का निर्माण और आयोजन किया जाना चाहिए।
आयोजक संदीपन साहा ने उठाए प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रशासन की आपत्तियों के बाद पूजा कमेटी के मुख्य आयोजक संदीपन साहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रशासन की ओर से कई नए नियम लागू किए गए हैं, जिनकी जानकारी आयोजकों को पहले नहीं थी। संदीपन साहा के मुताबिक, वे हर साल रात 9 बजे के बाद सड़क के एक किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। अब तक प्रशासन की ओर से इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब हर साल इसी तरह कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं, तो इस बार अचानक इस पर रोक लगाने की बात क्यों कही जा रही है। संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि काली पूजा को लेकर आयोजित प्रशासनिक बैठक में उनकी कमेटी के प्रतिनिधियों को कोई चेकलिस्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। उनका कहना है कि यदि नए नियम लागू किए गए हैं, तो आयोजकों को पहले उनकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी।
नोटिस मिलने के बाद कमेटी करेगी आगे का फैसला
संदीपन साहा ने साफ कर दिया है कि पूजा कमेटी फिलहाल प्रशासन की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिस का इंतजार करेगी। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन उन्हें लिखित रूप में अपनी आपत्तियां और निर्देश दे। इसके बाद पूजा कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी और आगे की रणनीति तय होगी। आयोजकों का मानना है कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अचानक नए नियमों का पालन करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, प्रशासन अपनी तरफ से सुरक्षा मानकों को लेकर किसी तरह की ढिलाई देने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में अब सबकी नजर प्रशासन के नोटिस और उसके बाद होने वाली बैठक पर टिकी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद आयोजन को लेकर क्या सहमति बनती है।
क्या इस बार जानबाजार काली पूजा का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी?
जानबाजार की प्रसिद्ध काली पूजा हर साल राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी चर्चा में रहती है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई वर्षों से इस पूजा का उद्घाटन करती रही हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद इस बार पूजा के उद्घाटन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस बार मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जानबाजार की इस प्रसिद्ध काली पूजा का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी तक किसी आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना होगा कि इस बार उद्घाटन के लिए कौन पहुंचता है। प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक चर्चाओं के बीच जानबाजार की 58वीं काली पूजा इस बार पहले से ही सुर्खियों में आ गई है।