कालीघाट से लेकर कैमैक स्ट्रीट तक बुधवार सुबह उस समय पूरी तरह नया नज़ारा देखने को मिला जब पुलिस के अस्थायी कियोस्क और बैरिकेडिंग अचानक हटा दिए गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवासीय इलाकों में वर्षों से मौजूद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था एक ही झटके में कम कर दी गई।
लालबाजार नोटिस के बाद तेज हुई प्रक्रिया, रातों-रात खाली हुए कियोस्क
मंगलवार दोपहर से ही इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज थीं। लालबाजार के संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) की ओर से जारी एक आधिकारिक निर्देश ने इन अटकलों को लगभग पुष्टि में बदल दिया। 6 मई की सुबह तक कई पुलिस कियोस्क पूरी तरह खाली कर दिए गए, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल गए।
चुनाव खत्म होते ही सुरक्षा में बदलाव, 24 घंटे के भीतर बड़ा निर्णय
विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के 24 घंटे के भीतर ही दक्षिण कोलकाता के तीन प्रमुख और हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे से ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों की वापसी और बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
एक दशक पुरानी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन, सामान्य दिखे इलाके
लगभग एक दशक से अधिक समय से हरीश चटर्जी स्ट्रीट और कैमैक स्ट्रीट जैसे इलाकों में भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सख्त निगरानी की पहचान रही है। लेकिन बुधवार सुबह इन क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई और यह इलाका सामान्य शहर की तरह खुला और सहज दिखाई देने लगा।