पश्चिम बंगाल- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर चुनावी फायदे के लिए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि पीएम का ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ राजनीतिक प्रचार का माध्यम बन गया। ममता बनर्जी ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए साफ किया कि उनकी पार्टी इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी।
“सरकारी तंत्र का हो रहा है दुरुपयोग”
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सरकारी मंच का इस्तेमाल कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
“आचार संहिता का उल्लंघन”
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए राजनीतिक बयानबाजी करना आदर्श चुनाव आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि चुनाव निष्पक्ष रह सकें।
महिला आरक्षण बिल को लेकर भी उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह विधेयक 2023 में पारित हो चुका है, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर टालने की कोशिश की है।
“PM को देना होगा जवाब”
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता को जवाब देना चाहिए कि वे सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक अभियान के लिए क्यों कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा का पतन शुरू हो चुका है और जनता अब इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।