पश्चिम बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में शामिल नंदीग्राम (210) एक बार फिर पूरे देश की राजनीतिक निगाहों के केंद्र में है। 2026 विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी आगे चल रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पवित्र कर से कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
पहले राउंड की गिनती में भाजपा को बढ़त
नंदीग्राम सीट पर पहले राउंड की मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी को 7114 वोट मिले हैं। वहीं टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर को 6452 वोट हासिल हुए हैं। दोनों के बीच करीब 662 वोटों का अंतर बना हुआ है, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।
नंदीग्राम में रिकॉर्ड मतदान, बढ़ा राजनीतिक तापमान
इस बार नंदीग्राम में पहले चरण के दौरान 93.98 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे राजनीतिक जानकार कड़ी टक्कर का संकेत मान रहे हैं। इतनी बड़ी वोटिंग ने सीट पर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
नंदीग्राम सीट का राजनीतिक इतिहास
नंदीग्राम सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से अहम रही है। साल 2007 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन के बाद यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया था और इसी आंदोलन ने राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव की नींव रखी थी।
2011 में यहां टीएमसी की फिरोजा बीबी ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2016 में भी टीएमसी का दबदबा कायम रहा। हालांकि 2021 का चुनाव बेहद ऐतिहासिक रहा, जब सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहद करीबी अंतर से हराकर पूरे देश का ध्यान खींचा था।
2026 में फिर हाई-वोल्टेज मुकाबला
इस बार भी नंदीग्राम में मुकाबला सीधा भाजपा के सुवेंदु अधिकारी और टीएमसी के पवित्र कर के बीच माना जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी इस चुनाव में न केवल नंदीग्राम बल्कि भवानीपुर सीट से भी मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है।
राजनीतिक महत्व और साख की लड़ाई
नंदीग्राम का यह मुकाबला सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि राजनीतिक साख का भी माना जा रहा है। जहां एक तरफ भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं टीएमसी यहां वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है। शुरुआती रुझान भले ही भाजपा के पक्ष में दिख रहे हों, लेकिन अंतिम परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं।