मालदा/फरक्का: मालदा डिवीजन के न्यू फरक्का स्टेशन के पास अप रेलवे ट्रैक पर हुए भीषण भूस्खलन के कारण करीब 62 घंटे तक ठप रहने के बाद आखिरकार शनिवार मध्य रात्रि से उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। बुधवार देर रात अचानक पटरियों के नीचे की मिट्टी धंसने से रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया था, जिससे कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्वी रेलवे द्वारा युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य पूरा करने और ट्रायल रन के बाद धीमी गति से ट्रेनों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी गई है।
युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य और सफल ट्रायल रन
बुधवार रात से रेल पटरियों पर हुए इस बड़े भूस्खलन को ठीक करने के लिए रेलवे की टीमों ने लगातार काम किया। शनिवार सुबह से काम में तेजी लाई गई और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने के लिए पूर्वी रेलवे की जनरल मैनेजर (GM) गीतिका पांडे खुद मौके पर मौजूद रहीं। शनिवार दोपहर तक अप लाइन के मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया, जिसके बाद इंजन का ट्रायल रन और ओवरहेड बिजली तारों (OHE) की अंतिम जांच की गई। स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद मध्यरात्रि से ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया, हालांकि शताब्दी एक्सप्रेस जैसी कुछ प्रमुख ट्रेनों को अभी भी बदले हुए मार्ग से चलाया जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और स्पीड प्रतिबंध
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यू फरक्का स्टेशन के आसपास के प्रभावित हिस्से में ट्रेनें अत्यधिक सतर्कता और नियंत्रित गति से चलाई जाएंगी। जीएम गीतिका पांडे ने जानकारी दी कि यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, इसलिए फिलहाल इस ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रखी जाएगी। जब तक क्षेत्र का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह कॉशन (सावधानी) लागू रहेगा।
भूस्खलन के कारणों की जांच करेगा IIT खड़गपुर
घटना के मूल कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पूर्वी रेलवे ने आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पटरियों के दोनों ओर बड़े जलाशय मौजूद हैं और पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश के कारण ट्रैक के नीचे की नरम मिट्टी खिसक गई। हालांकि, रेलवे ने व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम अगले तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर स्थायी सुरक्षा संरचना का निर्माण किया जाएगा।
रेलवे गश्ती टीम की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवराम मांझी ने स्वीकार किया कि अगर सही समय पर स्थिति का पता नहीं चलता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि गश्ती दल (Patrolling Team) ने नियमित निगरानी के दौरान ट्रैक की असामान्य स्थिति तुरंत भांप ली और उच्च अधिकारियों को सूचित कर ट्रेनों को रोक दिया। मांझी ने कहा कि अतिवृष्टि से उपजी इस स्थिति में समय पर उठाए गए कदम से यात्रियों की जान बच सकी। दो दिनों तक यात्रियों को हुई असुविधा के लिए रेलवे ने खेद व्यक्त किया है।