उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान नोआपारा में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता अर्जुन सिंह और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया। घटना के बाद इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और TMC समर्थकों ने 'अर्जुन सिंह की फांसी' की मांग करते हुए नारेबाजी की।
कैंप में घुसकर मारपीट का आरोप
TMC कार्यकर्ताओं का दावा है कि वे मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर अपने कैंप में शांतिपूर्वक बैठे थे। एक घायल समर्थक ने बताया, "हम 7-8 लोग बैठे थे, तभी अचानक अर्जुन सिंह और उनके साथ आए बाहरी गुंडों ने हमसे पूछा कि यहाँ क्या हो रहा है? बिना किसी वजह के उन्होंने हमारे पेट और सीने पर लाठियां मारनी शुरू कर दीं। हमारे साथियों के चेहरे पर घूंसे मारे गए जिससे उनके चेहरे लहूलुहान हो गए।"
चेयरमैन इन काउंसिल पर हमला
उत्तर बैरकपुर के चेयरमैन इन काउंसिल ने भी मारपीट की पुष्टि करते हुए कहा, "मैं वहीं बैठा था जब उन्होंने आकर मेरे पेट पर लात मारी। हमें अंदाजा नहीं था कि पास में ही अर्जुन सिंह मौजूद हैं। बाहरी लड़कों की फौज लेकर उन्होंने हमला किया।"
अन्य इलाकों में भी तनाव की खबरें
नोआपारा के अलावा राज्य के कई अन्य हिस्सों से भी छिटपुट हिंसा और अव्यवस्था की खबरें आई हैं:मध्यमग्राम: यहाँ के रमागछी 292 नंबर बूथ पर ISF उम्मीदवार प्रियंका बर्मन ने TMC एजेंट पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। हंगामे के बाद केंद्रीय बलों ने TMC एजेंट को बूथ से बाहर निकाल दिया।चुंचुड़ा: करबला इलाके में TMC, फॉरवर्ड ब्लॉक और भाजपा के कैंप ऑफिस तोड़ने के आरोप केंद्रीय बलों पर लगे। घटना की सूचना मिलते ही TMC उम्मीदवार **देबांशु भट्टाचार्य** मौके पर पहुंचे। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि TMC ने खुद ही भीड़ जमा कर यह ड्रामा रचा है।
हालांकि चुनाव आयोग ने अधिकांश क्षेत्रों में मतदान को शांतिपूर्ण बताया है, लेकिन नोआपारा और चुंचुड़ा जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।