कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 6 अगस्त को नबन्ना सभागार से 'पश्चिम बंगाल आवास' योजना (पूर्व नाम 'बांग्लार बाड़ी') की दूसरी किश्त जारी करने की औपचारिक शुरुआत की। इस चरण में राज्य के लगभग 10 लाख पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹60,000 की राशि सीधे भेजी जा रही है। राज्य सरकार ने इस योजना का नाम बदलने के साथ ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किश्त जारी करने का निर्णय लिया है।
लिन्टेल स्तर तक निर्माण पूरा करने वालों को मिली राशि
पंचायत सचिव पी. उलगनाथन के नेतृत्व में कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, पहली किश्त प्राप्त करने वाले 18 लाख परिवारों में से केवल वही 10 लाख परिवार दूसरी किश्त के लिए योग्य पाए गए हैं जिन्होंने अपने मकान का निर्माण लिन्टेल (Lintel) स्तर तक पूरा कर लिया है। शेष लगभग 8 लाख लाभार्थी निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण फिलहाल इस किश्त के दायरे में नहीं आए हैं। यह योजना शत-प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के साथ जारी रहेगी।
जांच में 13,000 अयोग्य लाभार्थी चिन्हित
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में योजना में हुई अनियमिताओं की शिकायतों के बाद राज्य स्तर पर व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। जांच के दौरान राज्य भर में लगभग 13,000 अयोग्य लाभार्थी पाए गए, जिनमें पक्के मकान वाले लोग भी शामिल थे। अकेले दक्षिण 24 परगना जिले (विशेषकर फलटा और डायमंड हार्बर ब्लॉक) में सबसे अधिक 10,500 अयोग्य आवेदक चिन्हित किए गए हैं, जो कुल शिकायतों का 70 प्रतिशत से अधिक है। 11 जिलों में अयोग्य लोगों से सरकारी राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अयोग्य आवेदकों से राशि वसूली की प्रक्रिया तेज
सर्वेक्षण में धांधली उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने अब तक चिन्हित किए गए 13,000 से अधिक अयोग्य आवेदकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 11 प्रभावित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पक्के मकान वाले या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहली किश्त उठाने वाले लोगों से सरकारी धन की शत-प्रतिशत वसूली (recovery) सुनिश्चित करें।
नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन 8 लाख परिवारों को फिलहाल दूसरी किश्त नहीं मिली है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे ही वे अपने मकान का निर्माण कार्य लिन्टेल स्तर तक पूरा कर लेंगे और संबंधित अधिकारी द्वारा उसका सत्यापन (verification) कर दिया जाएगा, उनके खातों में भी ₹60,000 की दूसरी किश्त हस्तांतरित कर दी जाएगी।