पश्चिम बंगाल- पुरुलिया में आयोजित चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ताधारी All India Trinamool Congress (TMC) और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर जमकर हमला बोला। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति को “महाजंगलराज” करार देते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और भ्रष्टाचार व तुष्टिकरण की राजनीति अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में खास तौर पर आदिवासी इलाकों की स्थिति, घुसपैठ और सांस्कृतिक बदलाव जैसे मुद्दों को उठाते हुए जनता से बदलाव का आह्वान किया।
“आदिवासी विरोधी है TMC सरकार”
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने आदिवासी समाज के साथ लगातार अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा किया गया और उन्हें विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में आदिवासी आबादी अधिक है, वहां आज भी सड़क, पेयजल, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनके मुताबिक, सरकार की प्राथमिकताओं में आदिवासी समाज शामिल ही नहीं है, जिससे उनकी स्थिति लगातार खराब होती गई है।
“घुसपैठ से बदल रही बंगाल की पहचान”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इसका सीधा असर बंगाल की भाषा, संस्कृति और सामाजिक संतुलन पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। उनके अनुसार, लगातार हो रही घुसपैठ राज्य की पहचान को बदल रही है और यह भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
भाषा और अस्मिता का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने संथाली भाषा और आदिवासी अस्मिता के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर आदिवासी भाषाओं और संस्कृति की अनदेखी हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेष वर्गों को खुश करने के लिए मदरसा शिक्षा पर रिकॉर्ड बजट खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसे “तुष्टिकरण की राजनीति” बताते हुए कहा कि इससे समाज में असंतुलन पैदा हो रहा है और असली जरूरतमंदों को उनका हक नहीं मिल पा रहा।
“कट मनी और भ्रष्टाचार का जाल”
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बिना “कट मनी” दिए कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार इतना गहरा हो चुका है कि आम जनता को हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। उन्होंने TMC सरकार को “निर्मम” बताते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ लूट और वसूली में लगी है और आम लोगों की समस्याओं से उसे कोई सरोकार नहीं है।
बदलाव का माहौल बनने का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्राम जैसे क्षेत्रों में अब बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने “पल्टानो दरकार” (बदलाव जरूरी है) का नारा देते हुए दावा किया कि इस बार जनता तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर भाजपा को मौका देना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोग अब डर, भ्रष्टाचार और अत्याचार से मुक्त शासन चाहते हैं और इसके लिए भाजपा ही एकमात्र विकल्प बनकर उभर रही है।